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सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई, कई राज्यों के मुख्य सचिव रहे मौजूद, 7 नवंबर को जारी किए जाएंगे जरूरी निर्देश

27 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए, शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को अपने समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

Stray Dogs case in SC

SC में आवारा कुत्तों के मामलों पर सुनवाई (PTI)

Stray Dogs Case Hearing in SC: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई शुरू की, जिसमें उसने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को अपने समक्ष उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अंजारिया की तीन सदस्यीय विशेष पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अधिकांश राज्यों ने अपने अनुपालन हलफनामे दाखिल कर दिए हैं। पीठ ने आंध्र प्रदेश की ओर से पेश हुए वकील से यह बताने को कहा कि पिछली तारीख पर अनुपालन हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया गया।

सुप्रीम कोर्ट 7 नवंबर को जारी करेगा निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह 7 नवंबर को सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों सहित उन संस्थानों में आवारा कुत्तों के खतरे के संबंध में निर्देश जारी करेगा, जहां कर्मचारी कुत्तों को सहारा दे रहे हैं, उन्हें खाना खिला रहे हैं और प्रोत्साहित कर रहे हैं। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन वी अंजारिया की तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।

जस्टिस नाथ ने कहा, उपस्थिति और हलफनामे वगैरह दर्ज करने के अलावा, हम सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों और अन्य संस्थानों में संस्थागत खतरे के संबंध में भी कुछ निर्देश जारी करेंगे, जहां कर्मचारी उस क्षेत्र में कुत्तों को सहारा दे रहे हैं, खाना खिला रहे हैं और प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके लिए, हम निश्चित रूप से कुछ निर्देश जारी करेंगे।

इस मामले में पेश हुए एक वकील ने पीठ से आग्रह किया कि इस मुद्दे पर निर्देश पारित करने से पहले उनकी बात सुनी जाए। जस्टिस मेहता ने कहा, संस्थागत मामलों में हम कोई भी दलील नहीं सुनेंगे। क्षमा करें। पीठ ने कहा कि अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव उसके समक्ष उपस्थित थे।

अदालत ने केरल के मुख्य सचिव द्वारा दायर छूट आवेदन को स्वीकार कर लिया और कहा कि राज्य के एक प्रमुख सचिव न्यायालय में उपस्थित थे। पीठ ने कहा कि भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को इस मामले में पक्षकार बनाया जाए। शुरुआत में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस मामले में अपने अनुपालन हलफनामे दाखिल कर दिए हैं। पीठ ने कहा कि आदेश के लिए 7 नवंबर को सूचीबद्ध करें।

पीठ ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों की व्यक्तिगत उपस्थिति अब आवश्यक नहीं होगी। हालांकि, पीठ ने कहा कि न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की चूक होने पर उनकी उपस्थिति फिर से आवश्यक हो जाएगी।

हलफनामा दाखिल न करने के लिए बिना शर्त माफी मांगी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को इस मामले में पक्ष बनाया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आदेशों के अनुपालन में चूक होने पर मुख्य सचिवों की उपस्थिति फिर से आवश्यक हो जाएगी। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन में उसके समक्ष उपस्थित हुए और आवारा कुत्तों के काटने की समस्या के मुद्दे पर अनुपालन हलफनामा दाखिल न करने के लिए बिना शर्त माफी मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह कुत्तों के काटने के पीड़ितों की भी सुनवाई करेगा और मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को तय की है।

कई राज्यों के मुख्य सचिव अदालत पहुंचे

पीठ ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव अदालत में मौजूद हैं। 27 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए, शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को अपने समक्ष उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया था कि अदालत के 22 अगस्त के आदेश के बावजूद अनुपालन हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया गया।

पीठ ने अपने आदेश का पालन न किए जाने पर नाराजगी जताई थी और कहा था कि 27 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को छोड़कर, किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ने अनुपालन हलफनामा दायर नहीं किया था। शीर्ष अगालत ने 22 अगस्त को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के अनुपालन के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछा था।

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अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल Author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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