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के कविता को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार, ट्रायल कोर्ट जाने को कहा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 22, 2024, 11:40 AM IST

दिल्ली आबकारी नीति मामले में ईडी ने 15 मार्च को बीआरएस एमएलसी के कविता को हिरासत में लिया था। दिल्ली में पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

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के कविता को राहत नहीं

K Kavitha Arrest Case: दिल्ली आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने के कविता की जमानत याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीआरएस नेता के कविता जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट का रुख कर सकती हैं या किसी अन्य उपाय का सहारा ले सकती हैं।

15 मार्च को हुई गिरफ्तारी

दिल्ली आबकारी नीति मामले में ईडी ने 15 मार्च को बीआरएस एमएलसी के कविता को हिरासत में लिया था। ईडी की टीम ने हैदराबाद में के कविता के आवास पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया और दिल्ली पहुंची थी। कविता से आगे की पूछताछ दिल्ली में हुई जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

कविता के परिसरों पर छापेमारी

ईडी ने इस मामले में पहले भी कविता से पूछताछ की थी। ईडी ने दावा किया था कि कविता शराब कारोबारियों की लॉबी साउथ ग्रुप से जुड़ी हुई थीं, जो 2021-22 के लिये दिल्ली आबकारी नीति में एक बड़ी भूमिका निभाने की कोशिश कर रही थी। यह नीति अब रद्द की जा चुकी है।

कविता पर आरोप

सितंबर में जब कविता को प्रवर्तन निदेशालय ने समन जारी किया था, तो उन्होंने समन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस समय, अदालत ने कविता को अस्थायी राहत दी थी। ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो को संदेह है कि 'साउथ ग्रुप' कहे जाने वाले लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर अब वापस ली गई दिल्ली शराब नीति को तैयार करने के लिए दिल्ली में आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। एजेंसी ने के कविता पर मोबाइल फोन नष्ट करने का भी आरोप लगाया है ताकि डिजिटल सबूत उन तक न पहुंच सकें।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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