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दिल्ली जल संकट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हिमाचल 7 जून से छोड़े पानी, हरियाणा करे सहयोग

दिल्ली जल संकट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हिमाचल को 7 जून से पानी छोड़ने का निर्देश

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दिल्ली जल संकट पर फैसला

Delhi Water Crisis: दिल्ली जल संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला करते हुए हिमाचल प्रदेश को पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा कि राज्य सरकार शुक्रवार 7 जून से दिल्ली के लिए पानी छोड़े। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश राज्य को उसके पास उपलब्ध 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी जारी करने की अनुमति दी और हरियाणा को निर्देश दिया कि वह दिल्ली में पेयजल संकट को कम करने के लिए हथिनीकुंड से वजीराबाद तक पानी को दिल्ली तक निर्बाध रूप से प्रवाहित करने की सुविधा प्रदान करे।

7 जून से पानी छोड़ने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को हरियाणा को पूर्व सूचना देकर 7 जून को पानी छोड़ने को कहा। इसमें ऊपरी यमुना नदी बोर्ड से हथिनीकुंड में हिमाचल प्रदेश द्वारा छोड़े गए पानी को मापने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दिल्ली सरकार को पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। अदालत ने सोमवार 10 जून तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

दिल्ली के लिए राहत की खबर

जल संकट से जूझ रही दिल्ली के लिए राहत भरी खबर है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिमाचल प्रदेश 137 क्यूसेक पानी एक महीने तक दिल्ली के लिए छोड़ेगा। ये पानी कल ही रिलीज हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को इसमें सहयोग करने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि दिल्ली ये सुनिश्चित करे कि पानी की बर्बादी न हो।

दिल्ली में जलसंकट के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

1. सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार से कहा है कि दिल्ली में जल संकट को देखते हुए 137 क्यूसेक पानी लगातार एक महीने तक दिल्ली के लिए रिलीज करे। क्यूसेक वो यूनिट है जिससे प्रति सेकेंड बहने वाले पानी की मात्रा का पता लगता है।

2. हिमाचल प्रदेश कल से ही अतिरिक्त पानी रिलीज करना शुरू कर देगा। हिमाचल, हरियाणा और अपर यमुना रिवर बोर्ड को पहले से ही जानकारी देगा। ये पानी हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से होते हुए दिल्ली के वजीराबाद बैराज पहुंचेगा।

3. अपर यमुना रिवर बोर्ड हथिनी कुंड बैराज पर इस बात की जांच करेगा कि कितना पानी हिमाचल से दिल्ली को भेजा गया है।

4. कोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा है कि वो सुनिश्चित करें कि हिमाचल प्रदेश से मिल रहा अतिरिक्त पानी दिल्ली को मिल सके। हरियाणा इसको लेकर हर संभव मदद करे।

5. दिल्ली सरकार सुनिश्चित करें कि पानी की एक बूंद भी बर्बाद न हो। इसके लिए अपर यमुना रिवर बोर्ड की ओर से दिए गए सुझावों पर अमल किया जाए।

6. हरियाणा सरकार के वकील ने कहा कि उन्होंने कुछ शॉर्ट नोट्स बनाया है, उसे अपलोड करना है। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को कहा कि आप केवल पानी अपलोड करें।

7. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सभी पक्ष अगले सोमवार तक हलफनामा दाखिल करें। इस मामले में सोमवार को अगली सुनवाई होगी।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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