Beed Sarpanch Murder Case: महाराष्ट्र में बीड सरपंच हत्याकांड में दो और आरोपी पुलिस के शिकंजे में आए हैं। इस मामले में पुलिस ने सुदर्शन घुले और सुधीर सांगले को गिरफ्तार किया है। पवनचक्की कंपनी से जबरन वसूली की कोशिश का विरोध करने पर बीड के मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की नौ दिसंबर को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीकि कराड ने मंगलवार को पुणे में सीआईडी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। कराड को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
धनंजय मुंडे बोले, दोषियों को दी जाए फांसी की सजा
वहीं, मुंडे ने कहा कि सरपंच संतोष देशमुख की हत्या करने वालों पर त्वरित अदालत में मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए। मैं ही वह व्यक्ति था, जिसने नागपुर में विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान त्वरित कार्रवाई अदालत में मुकदमा चलाने की मांग की थी। देशमुख की हत्या की निष्पक्ष जांच के लिए विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा, मंत्री के तौर पर मेरी तरफ से कोई प्रभाव नहीं है, यही वजह है कि जांच सीआईडी को सौंप दी गई है।
एसआईटी का गठन
महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को देशमुख की हत्या की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। राज्य गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि एसआईटी का नेतृत्व सीआईडी के उप महानिरीक्षक बसवराज तेली करेंगे। इससे पहले सरकार ने हत्या और उससे संबंधित जबरन वसूली तथा एक सुरक्षा गार्ड पर हमले के मामलों की जांच सीआईडी को सौंप दी थी।
इस मामले में एसआईटी ने तीन लोगों से पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने जिन तीन लोगों से पूछताछ की, उनमें एक डॉक्टर है और उसे फरार आरोपी सुदर्शन घुले का करीबी माना जाता है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस का मानना है कि इस डॉक्टर ने घुले की अपराध के बाद भागने में मदद की। इस बीच, देशमुख की हत्या से जुड़े जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक विष्णु चाटे ने सीआईडी अधिकारियों को बताया कि उसने अपने मोबाइल फोन से ऊर्जा कंपनी के परियोजना प्रबंधक को फोन किया था। सूत्रों के अनुसार, चाटे ने पुलिस को यह भी बताया कि मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड और परियोजना प्रबंधक के बीच बातचीत हुई थी।
