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फ्रांस के बाद यह सम्मान पाने वाला दूसरा देश है इंडोनेशिया, सुबियांतो को बुलाकर भारत ने चीन-पाक को दिया संदेश

India-Indonesia Relation : भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो हैं। राष्ट्रपति के रूप में सुबियांतो की यह पहली भारत यात्रा है जबकि गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में इंडोनेशिया को चौथी बार आमंत्रित किया गया है। फ्रांस के बाद भारत ने यह सम्मान हिंद-प्रशांत के इसी देश को दिया है।

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गणतंत्र दिवस समारोह के अतिथि हैं इंडोनेशिया के राष्ट्रपति।

India-Indonesia Relation : भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो हैं। राष्ट्रपति के रूप में सुबियांतो की यह पहली भारत यात्रा है जबकि गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में इंडोनेशिया को चौथी बार आमंत्रित किया गया है। फ्रांस के बाद भारत ने यह सम्मान हिंद-प्रशांत के इसी देश को दिया है। यह इंडोनेशिया के साथ भारत के मजबूत होते रिश्ते को दर्शाता है। बीते कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाई पर पहुंचे हैं। कारोबार से लेकर रणनीतिक साझेदारी की दिशा में दोनों देश आगे बढ़े हैं।

'एक्ट इस्ट' नीति का हिस्सा है मजबूत संबंध

एक्सपर्ट मानते हैं कि इंडोनेशिया के साथ भारत के मजबूत होते रिश्ते नई दिल्ली की 'एक्ट इस्ट' नीति का हिस्सा है। भारत हिंद-प्रशांत महासागर के सभी देशों के साथ रक्षा एवं आर्थिक सहयोग बढ़ा रहा है। रक्षा, कारोबार सहित सहयोग के अन्य क्षेत्रों में इंडोनेशिया सहित दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ भारत के संबंध जितने मजबूत होंगे, उतना ही इस इलाके में चीन का दखल कम होगा। दूसरा, इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। पाकिस्तान, मुस्लिम देशों के साथ मिलकर कश्मीर के मुद्दे को हवा देने की कोशिशें करता रहता है, ऐसे में इंडोनेशिया-भारत के बीच अच्छे संबंध उसके नापाक मंसूबों को झटका देंगे। यानी चीन और पाकिस्तान दोनों का मुकाबला करने के लिए इंडोनेशिया का साथ होना अहम है।

आसियान दशों में भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार

भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को गति देने में व्यापार का बहुत बड़ा हाथ है। इसे इस बात से समझा जा सकता है कि आसियान देशों में इंडोनेशिया, भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है। दोनों देशों के बीच 2005-06 में द्विपक्षीय व्यापार 4.33 अरब डॉलर का था जो 2022-23 में बढ़कर 38.84 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि, 2023-24 में इसमें कमी आई। पिछले साल दोनों देशों के बीच 29.4 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। इंडोनेशिया भारत को बड़ी मात्रा में कोयला और कच्चा पाम ऑयल का निर्यात करता है।

बड़े स्तर पर कोयला, पाम ऑयल खरीदता है भारत

इसके पाम ऑयल का सबसे बड़ा खरीदार भारत है। इसके अलावा यह देश भारत तो खनिज पदार्थ, रबड़, पल्प और पेपर का निर्यात करता है। जबकि भारत, इंडोनेशिया को रिफाइंड पेट्रो उत्पाद, कॉमर्शियल वाहन, दूरसंचार उपकरण, कृषि उत्पाद, दवाएं, मीट, प्लास्टिक का निर्यात करता है। हालांकि, कारोबार का यह पलड़ा इंडोनेशिया की तरफ झुका हुआ है। पाम ऑयल और कोयले के निर्यात की वजह से इंडोनेशिया ज्यादा लाभ की स्थिति में रहता है।

ब्रह्मोस मिसाइल पर हो सकती है डील

रिपोर्टों के मुताबिक इंडोनेशिया ने भारत की क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस खरीदने में दिलचस्पी दिखा चुका है। चर्चा यह भी है कि सुबियांतो की इस यात्रा के दौरान भारत इस डील को अंतिम रूप दे सकता है। इसके अलावा दोनों देश रक्षा तकनीक में मदद को शामिल कर अपने सहयोग को और विस्तार दे सकते हैं। यही नहीं दोनों देशों की सेनाएं एक साथ युद्धाभ्यास भी करती आई हैं।

2018 में इंडोनेशिया की यात्रा पर गए थे PM मोदी

इंडोनेशिया से 352 सदस्यीय मार्चिंग और बैंड दस्ता यहां कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेगा। यह पहली बार होगा कि इंडोनेशियाई मार्चिंग और बैंड दस्ता विदेश में राष्ट्रीय दिवस परेड में भाग लेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में इंडोनेशिया की यात्रा की थी, जिस दौरान भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। पिछले साल 19 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने रियो डी जनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की थी। भारत और इंडोनेशिया एक सहस्राब्दी से अधिक पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों के साथ घनिष्ठ समुद्री पड़ोसी हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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