Indigo Flight Disruptions: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स ने रविवार को कहा कि एयरलाइन रविवार को लगभग 1,650 उड़ानें संचालित करेगी और धीरे-धीरे हम सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों उड़ानें रद्द और विलंबित होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी हुई है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने शनिवार को लगभग 1,500 और शुक्रवार को 700 से कुछ अधिक उड़ानें ही संचालित की थीं।
कर्मचारियों के लिए जारी आंतरिक वीडियो संदेश में एल्बर्स ने कहा कि रविवार को समय पर प्रदर्शन (OTP) 75 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आज हमने प्रणाली में और सुधार किए हैं, जिससे हम करीब 1,650 उड़ानें संचालित कर पा रहे हैं। यह वीडियो संदेश एयरलाइन के परिचालन नियंत्रण केंद्र से जारी किया गया। सीईओ ने कहा, “हम अब उड़ाने पहले चरण में ही रद्द कर रहे हैं, ताकि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हो रही हैं, वे हवाई अड्डे पर न पहुंचें।”
610 करोड़ रुपये रिफंड
इंडिगो ने रद्द या अत्यधिक विलंबित उड़ानों के लिए अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली है और शनिवार तक 3,000 नग सामान यात्रियों तक पहुंचा दिया गया है। सरकार ने कहा कि देश का विमानन नेटवर्क तेजी से सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है और परिचालन पूरी तरह स्थिर होने तक सभी सुधारात्मक कदम लागू रहेंगे।
IndiGo ने जवाब के लिए मांगी मोहलत
डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिद्रो पोरक्यूरेस ओरिया को शनिवार को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब देने का आदेश दिया था। इसको लेकर दोनों अधिकारियों ने डीजीसीए से सोमवार शाम छह बजे तक की मोहलत मांगी। हालांकि, डीजीसीए ने दोनों अधिकारियों को मोहलत तो दे दी, लेकिन एक हिदायत भी दी कि अब आगे कोई और एक्सटेंशन नहीं मिलेगा।
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन लड़खड़ाई
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने अब तक के सबसे बड़े परिचालन संकट के कारण सैकड़ों उड़ानों को रद्द कर दिया। नए नियमों के तहत पायलटों की ड्यूटी समय सीमा में बदलाव और इंडिगो के ''लीन-स्टाफिंग'' मॉडल ने मिलकर संकट को जन्म दिया।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने उड़ान ड्यूटी समय-सीमा (FDCL) नियमों में बदलाव किए। नए नियमों के तहत पायलटों का साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे किया गया, रात में उड़ानों की संख्या सीमित की गई, और लगातार रात की ड्यूटी को केवल दो तक सीमित किया गया। इससे प्रत्येक पायलट द्वारा संचालित उड़ानों की संख्या में काफी कमी आई।
इंडिगो ने अपने एयरबस ए320 बेड़े के लिए 2,422 कप्तानों की आवश्यकता बताई थी, लेकिन केवल 2,357 कप्तान उपलब्ध थे और 'फर्स्ट ऑफिसर्स' में भी कमी थी। इसके साथ ही एयरलाइन का उच्च विमान उपयोग और रात की उड़ानों पर निर्भरता वाला मॉडल काम नहीं आया, जिसके कारण दो दिसंबर से बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने लगीं। रविवार को 2,300 में 650 उड़ानें रद्द की गईं।
