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मोदी की नई कैबिनेट में छिपा है अगले चुनाव में 'जीत' का राज, जानें कैसे और कितनी मिली राज्यों को हिस्सेदारी

Modi cabinet Ministers: मोदी कैबिनेट में 80 लोकसभा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। यूपी के 9 नेताओं को मंत्रीपरिषद में शामिल किया गया है। वहीं, बिहार के 8 तो महाराष्ट्र के छह नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। बिहार और महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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Modi Cabinet

Photo : Twitter

Modi cabinet Ministers: नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनके साथ 72 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिसमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी की नई कैबिनेट में युवाओं और अनुभवी दोनों प्रकार के नेताओं को मौका दिया गया है, अधिकतम चेहरे मोदी 2.0 सरकार के ही रिपीट किए गए हैं। हालांकि, इस बार उन राज्यों का विशेष ध्यान रखा गया है, जहां आने वाले दिनों में चुनाव होने हैं। इसके अलावा मोदी की कैबिनेट में राज्यों की उनके संख्याबल के हिसाब से हिस्सेदारी तय की गई है।

मोदी कैबिनेट में 80 लोकसभा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। यूपी के 9 नेताओं को मंत्रीपरिषद में शामिल किया गया है। वहीं, बिहार के 8 तो महाराष्ट्र के छह नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। बिहार और महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। आइए देखते हैं राज्यवार पूरी लिस्ट...

उत्तर प्रदेश

  1. नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री)
  2. राजनाथ सिंह (कैबिनेट मंत्री)
  3. हरदीप सिंह पुरी (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  4. जयंत चौधरी (राज्यसभा, स्वतंत्र प्रभार, राज्यमंत्री)
  5. जितिन प्रसाद (राज्य मंत्री)
  6. पंकज चौधरी (राज्य मंत्री)
  7. अनुप्रिया पटेल (राज्य मंत्री)
  8. एसपी सिंह बघेल (राज्य मंत्री)
  9. कीर्तिवर्धन सिंह (राज्य मंत्री)
  10. बीएल वर्मा (राज्य मंत्री)
  11. कमलेश पासवान (राज्य मंत्री)

बिहार

  1. जीतनराम मांझी (हम, कैबिनेट मंत्री)
  2. राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (जेडीयू, कैबिनेट मंत्री)
  3. गिरिराज सिंह, (कैबिनेट मंत्री)
  4. चिराग पासवान (एलजेपी- रामविलास, कैबिनेट मंत्री)
  5. रामनाथ ठाकुर (राज्यसभा, राज्यमंत्री)
  6. नित्यानंद राय (राज्य मंत्री)
  7. सतीश दुबे (राज्यसभा, राज्य मंत्री)
  8. राजभूषण चौधरी (राज्य मंत्री)

महाराष्ट्र

  1. नितिन गडकरी (कैबिनेट मंत्री)
  2. पीयूष गोयल (कैबिनेट मंत्री)
  3. प्रताप राव जाधव (राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार)
  4. रामदास अठावले (राज्यसभा, राज्य मंत्री)
  5. रक्षा खड़से (राज्य मंत्री)
  6. मुरलीधर मोहोल (राज्य मंत्री)

गुजरात

  1. अमित शाह (कैबिनेट मंत्री)
  2. जेपी नड्डा (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  3. सुब्रह्मण्यम जयशंकर (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  4. मनसुख मंडाविया (कैबिनेट मंत्री)
  5. सीआर पाटिल (कैबिनेट मंत्री)
  6. नीमूबेन बमभानिया (राज्य मंत्री)

मध्य प्रदेश

  1. शिवराज सिंह चौहान (कैबिनेट मंत्री)
  2. डॉ. वीरेंद्र कुमार (कैबिनेट मंत्री)
  3. ज्योतिरादित्य सिंधिया (कैबिनेट मंत्री)
  4. एल मुरुगन (राज्यसभा, राज्य मंत्री)
  5. दुर्गादास उइके (राज्य मंत्री)
  6. सवित्री ठाकुर (राज्य मंत्री)

कर्नाटक

  1. निर्मला सीतारमण (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  2. एचडी कुमारस्वामी (जेडीएस, कैबिनेट मंत्री)
  3. प्रह्लाद जोशी (कैबिनेट मंत्री)
  4. वी सोमन्ना (राज्य मंत्री)
  5. शोभा करांदलाजे (राज्य मंत्री)

राजस्थान

  1. भूपेंद्र यादव (कैबिनेट मंत्री)
  2. गजेंद्र सिंह शेखावत (कैबिनेट मंत्री)
  3. अर्जुन राम मेघवाल (राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार)
  4. भागीरथ चौधरी (राज्य मंत्री)

झारखंड

  1. अन्नपूर्णा देवी (कैबिनेट मंत्री)
  2. संजय सेठ (राज्य मंत्री)
  3. अरुणाचल प्रदेश
  4. किरण रिजिजू (कैबिनेट मंत्री)

हरियाणा

  1. मनोहर लाल (कैबिनेट मंत्री)
  2. राव इंद्रजीत सिंह (राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार)
  3. कृष्णपाल गुर्जर (राज्य मंत्री)

ओडिशा

  1. धर्मेंद्र प्रधान (कैबिनेट मंत्री)
  2. जुएल ओरांव (कैबिनेट मंत्री)
  3. अश्विनी वैष्णव (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)

आंध्र प्रदेश

  1. राममोहन नायडू (टीडीपी, कैबिनेट मंत्री)
  2. चंद्रशेखर पेम्मासानी (टीडीपी, राज्य मंत्री)
  3. भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा (राज्य मंत्री)

असम

  1. सर्बानंद सोनेवाल (कैबिनेट मंत्री)
  2. पवित्रा मार्गेरिटा, (राज्यसभा, राज्य मंत्री)

तेलंगाना

  1. जी किशन रेड्डी (कैबिनेट मंत्री)
  2. बंडी संजय कुमार (राज्य मंत्री)

पश्चिम बंगाल

  1. शांतनु ठाकुर (राज्य मंत्री)
  2. सुकांता मजूमदार (राज्य मंत्री)

केरल

  1. सुरेश गोपी (राज्य मंत्री)
  2. जॉज कुरियन ( राज्य मंत्री)

जम्मू-कश्मीर

जितेंद्र सिंह (राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार)

गोवा

श्रीपद यशो नाइक (राज्य मंत्री)

उत्तराखंड

अजय टम्टा (राज्य मंत्री)

पंजाब

रवनीत सिंह बिट्टू (राज्य मंत्री)

छत्तीसगढ़

तोखन साहू (राज्य मंत्री)

नई दिल्ली

हर्ष मल्होत्रा (राज्य मंत्री)

हिमाचल प्रदेश

जेपी नड्डा (कैबिनेट मंत्री)

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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