Srinagar Police : जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीनगर पुलिस ने शुक्रवार को शहर भर में कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। पुलिस की ये कार्रवाई आतंकियों के सहयोगियों एवं ओवरग्राउंड वर्कर्स के आवासों पर हुई। ये वे लोग हैं जिनका प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के साथ संबंध होना बताया जाता है। ये कार्रवाई अवैध गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत की गई। श्रीनगर में अलग-अलग जगहों पर पुलिस ने उन लोगों के ठिकानों की तलाशी ली जो आतंकियों की मदद करने, उन्हें किसी तरह की सहायता पहुंचाने अथवा आतंकी गतिविधियों से जुड़े हैं।
इन लोगों के आवास पर पड़े छापे
- नजीब साकिब डार, पुत्र मोहम्मद शफी डार, निवासी मलाबाग इलाहीबाग
- ओवैस मुनीर भट, पुत्र मुनीर अहमद भट, निवासी आलमदार कॉलोनी डेंगरपोरा इलाहीबाग
- ओवैस अहमद भट, पुत्र फारूक अहमद, निवासी टिपलू मोहल्ला आंचर
- दानिश अयूब बडू, पुत्र मोहम्मद अयूब बडू, निवासी साजगारीपोरा हवाल
- उमर फयाज, पुत्र फयाज अहमद शेख, निवासी इखराजपोरा
- जाहिद राशिद गनी, पुत्र अब्दुल राशिद गनी, निवासी मेठन
- हाशिम फारूक, पुत्र फारूक अहमद डार, निवासी इखराजपोरा
- राशिद लतीफ भट, पुत्र मोहम्मद लतीफ भट, निवासी बघाट चौक खालिदाबाद
- अर्हान रसूल डार, पुत्र ग़ुलाम रसूल डार, निवासी साजगारीपोरा हवाल
- ओवैस मंज़ूर सोफी, पुत्र मंज़ूर अहमद सोफी, निवासी डेंगरपोरा
- सुहैल अहमद मीर, पुत्र फतेह मोहम्मद मीर, निवासी डेंगरपोरा
- मुज़फ़्फर फारूक मीर, पुत्र फारूक अहमद मीर, निवासी शहज़ादपोरा डेंगरपोरा
- इम्तियाज अहमद चिकला, पुत्र मोहम्मद सिद्दीक चिकला, निवासी असर कॉलोनी हजरतबल
- उमर हमीद शेख, पुत्र अब्दुल हमीद शेख, निवासी असर कॉलोनी हजरतबल
- मोहम्मद आसिफ भट, पुत्र ग़ुलाम मोहम्मद भट, निवासी जोगीवान लाल बाजार
- मोहम्मद आदिल लोन, पुत्र ग़ुलाम मोहम्मद लोन, निवासी लवायपोरा
- वसीम कादिर मीर, पुत्र ग़ुलाम कादिर मीर, निवासी शहज़ादपोरा डेंगरपोरा
- उनीब नसीर, पुत्र नसीर अहमद, निवासी शहज़ादपोरा डेंगरपोरा (वर्तमान में PSA के तहत निरुद्ध)
- दानिश कादिर मीर, पुत्र ग़ुलाम कादिर मीर, निवासी शहजादपोरा डेंगरपोरा
- बाबर सुहैल सोफी, पुत्र मोहम्मद यूसुफ सोफी, निवासी लवायपोरा
तलाशी व्यापक खुफिया-संग्रह अभियान का हिस्सा
तलाशी अभियान विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत, कार्यकारी मजिस्ट्रेटों और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संचालित किए गए।इन अभियानों का उद्देश्य आपत्तिजनक सामग्री जैसे दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत जब्त करना था, जो चल रही जांचों से संबंधित हैं। ये छापेमारी एक व्यापक खुफिया-संग्रह अभियान का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी भी साजिश या आतंकी गतिविधि को रोकना और बाधित करना है।
