Joshimath Sinking: उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ में जमीन धंसने के मामले से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) की ओर से बनी आपदा प्रबंधन टीम ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। 8 सदस्यों की टीम ने प्रभावित इलाके का दौरा कर रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में 2022 की रिपोर्ट में की गई सिफारिशों और सुझावों के पालन की सलाह है। इस रिपोर्ट में ज्यादा से ज्यादा नुकसान वाले घरों को तोड़ने को कहा गया है। साथ ही रहने के लायक बचे इलाकों की पहचान का भी सुझाव है। इसके अलावा रिपोर्ट में हाइड्रोलॉजिकिल जांच की भी सिफारिश की गई है।
आज होगा वैज्ञानिक सर्वे
वहीं आज मौजूदा हालात का जायजा लेने के लिए जियोलॉजिकल सर्वे और IIT रूड़की की टीम जोशीमठ जाएगी। वहां के हालात का मुआयना करने के बाद ये टीम रिपोर्ट बनाएगी और उसे PMO को सौंपेगी। कल इस मामले में PMO ने समीक्षा बैठक कर ऐसा करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा NDRF की 1 और SDRF की 4 टीमें भी लोगों की मदद के लिए जोशीमठ पहुंच चुकी है। वहीं सीमा प्रबंधन सचिव और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उत्तराखंड का दौरा कर जोशीमठ की स्थिति का जायजा लेंगे।
उत्तराखंड सरकार की रिपोर्ट- बड़े सुझाव
- ज्यादा से ज्यादा नुकसान वाले घर तोड़े जाएं
- रहने लायक इलाकों की पहचान की जाए
- क्षेत्र का डीटेल्ड जियोटेक्निकल सर्वे हो
- प्रभावित इलाके की मिट्टी की जांच हो
- पूरे इलाके का भौगोलिक सर्वे किया जाए
- प्रभावित इलाके की हाइड्रोलॉजिकल जांच
- क्षतिग्रस्त भवनों और इमारतों का आंकलन
आज होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
दूसरी तरफ इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर आज जल्द सुनवाई की मांग की जा सकती है। आपको बता दें कि जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में ये जनहित याचिका दाखिल की गई है। जिसमें जोशीमठ में जमीन धंसने की घटना को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई है। जोशीमठ में आई आपदा के लिए स्थानीय लोग कसूरवार ठहरा रहे हैं NTPC के टनल को। आरोप है कि इसी टनल की वजह से आज जोशीमठ भू समाधि लेने के कगार पर हैं।
