असम में विशेष पुनरीक्षण (एसआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। इस प्रक्रिया के दौरान मसौदा मतदाता सूची में दर्ज 2.43 लाख से अधिक नामों को हटाया गया है। यह जानकारी निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जारी किया बयान
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। इस सूची में कुल 2.49 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इनमें लगभग 1.25 करोड़ पुरुष, 1.24 करोड़ महिला और 343 ट्रांसजेंडर मतदाता दर्ज किए गए हैं।
सीईओ कार्यालय के मुताबिक, यह आंकड़ा मसौदा मतदाता सूची की तुलना में 0.97 प्रतिशत कम है। गौरतलब है कि 27 दिसंबर को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 2.52 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे। विशेष पुनरीक्षण के दौरान की गई जांच और सत्यापन के बाद बड़ी संख्या में प्रविष्टियों को हटाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 4,78,992 मृत मतदाताओं, 5,23,680 स्थानांतरित मतदाताओं और 53,619 दोहराव (डुप्लिकेट) प्रविष्टियों की पहचान की गई। इन सभी मामलों में नियमानुसार दावों और आपत्तियों की सुनवाई की गई और उसके बाद ही नाम बनाए रखने या हटाने का अंतिम निर्णय लिया गया।
15 दिनों में कर सकते हैं अपील
बयान में कहा गया है कि यदि कोई मतदाता या संबंधित व्यक्ति मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के फैसले से असंतुष्ट है, तो वह 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। इसके अलावा, दूसरी अपील 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के पास दायर की जा सकती है।
हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने का प्रावधान
अधिकारियों के अनुसार, एसआर प्रक्रिया के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम “स्थायी रूप से स्थानांतरित” होने के आधार पर मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दोबारा आवेदन करने का अधिकार है। ऐसे मतदाता अपने नए पते के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि बेदखली अभियान या अन्य प्रशासनिक कारणों से जिन लोगों को अपना निवास स्थान बदलना पड़ा, यदि वे नाम हटाए जाने से पहले निवास परिवर्तन के लिए आवेदन नहीं कर सके थे, तो अब वे कानून के प्रावधानों के तहत दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं।
इस संबंध में राज्य के सीईओ ने पिछले सप्ताह सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को एक पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान एक समय में केवल एक ही फॉर्म संसाधित किया जा सकता है, जिस कारण कुछ मतदाता आवश्यक आवेदन समय पर नहीं दे पाए।
गौरतलब है कि असम में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी तैयारियों का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
