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Silkyara Tunnel Crisis: युद्ध स्तर पर काम, 5 सूत्री प्लान भी तैयार, ऐसे निकाले जाएंगे सुरंग में फंसे 41 श्रमिक

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Nov 20, 2023, 11:05 AM IST

Silkyara Barkot Tunnel Crisis : ओएनजीसी, सतलुज जल विद्युत निगम, रेल विकास निगम लिमिटेड, एनएचआईडीसीएल, टीएचडीसीएल को पांच अलग-अलग रेस्क्यू प्लान के साथ तैयार रहने के लिए कहा गया है। सुरंग के ऊपरी जिस हिस्से पर खुदाई होनी है।

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सिल्क्यारा सुरंग में जारी है ड्रिलिंग का काम।

Photo : AP

Silkyara Barkot Tunnel Crisis : उत्तरकाशी के सिल्क्यारा सुरंग के मलबे में 41 श्रमिक फंसे हुए हैं। इन श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। मलबे में अमेरिकी ऑगर मशीन से ड्रिलिंग कर श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश चल रही है और पाइप के जरिए उन तक ऑक्सीजन, दवाएं, खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। सुरंग में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लेने के लिए रविवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घटनास्थल का दौरा किया।

पीएम ने सीएम धामी से की बात

Silkyara Barkot Tunnel Crisis

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इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया है। रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि मलबे से श्रमिकों को निकालने के लिए पांच अन्य विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है।

सुरंग के ऊपर से भी ड्रिलिंग

Silkyara Barkot Tunnel Crisis

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प्लान के मुताबिक अब सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग की जाएगी। मलबे के सामने से ड्रिलिंग भी जारी रहेगी। योजना बारकोट की तरफ से एक छोटी सुरंग खोदने की भी है।

छह इंच का पाइप लगा रहा एनएचआईडीसीएल

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रिपोर्टों के मुताबिक ओएनजीसी, सतलुज जल विद्युत निगम, रेल विकास निगम लिमिटेड, एनएचआईडीसीएल, टीएचडीसीएल को पांच अलग-अलग रेस्क्यू प्लान के साथ तैयार रहने के लिए कहा गया है। सुरंग के ऊपरी जिस हिस्से पर खुदाई होनी है, वहां तक बीआरओ ने एक सड़क का निर्माण किया है। एनएचआईडीसीएल सुरंग में एक और छह इंच की पाइप लगा रहा है। इसके जरिए श्रमिकों तक ब्रेड, सब्जी, चावल और अन्य ठोस खाद्य पदार्थ भेजा जाएगा।

483 मीटर का एक 'माइक्रो' टनल

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एसजेवीएनल पहाड़ी के ऊपर से एक वर्टिकल सुरंग खोदने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए गुजरात और ओडिशा से उपकरण मंगाए गए हैं। वर्टिकल टनल खोदने में ओएनजीसी के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। बारकोट की तरफ से 483 मीटर का एक 'माइक्रो' टनल खोदने की तैयारी चल रही है। इस 'माइक्रो' टनल की ड्रिलिंग टीएचडीसीएल करेगा। चौथी योजना मौजूदा सुरंग को कमजोर होने से रोकना है। पांचवीं योजना के तहत एनएचआईडीसीएल सिल्क्यारा एंड से ड्रिलिंग का काम जारी रखेगा।

श्रमिकों का मनोबल बनाकर रखना सामूहिक जिम्मेदारी-गडकरी

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रविवार को नितिन गडकरी ने कहा, 'अमेरिकी आगर जब मुलायम मिट्टी में ड्रिलिंग कर रही थी तब वह सही तरीके से काम कर रही थी, लेकिन जब उसके सामने एक कठोर बाधा आयी तो समस्या आने लगी । इस कारण मशीन को ज्यादा दवाब डालना पड़ा जिससे कंपन हुए और सुरक्षा कारणों से इसे रोक दिया गया।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुरंग में फंसे मजदूरों और उनके परिजनों के मनोबल को बनाए रखना इस समय सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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