ASP Naryana Baramani : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने 48 घंटे के भीतर अपनी दो चुनौतियों का एक तरह से समाधान कर लिया है। पहला राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए वह मजबूती के साथ उभरे हैं, तो दूसरा बेलगावी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जिस पुलिस अधिकारी को मारने के थप्पड़ दिखाया था, वह आईपीएस अधिकारी वापस ड्यूटी पर लौट आया है। रिपोर्टों के मुताबिक कर्नाटक पुलिस में एएसपी नारायण बारामानी मुख्यमंत्री, गृह मंत्री जी परमेश्वरा और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद बीते बुधवार को ड्यूटी पर लौट आए।
घटना के बाद बारामानी ने वीआरएस लेने की घोषणा की थी
बीते अप्रैल महीने में बेलगावी की इस घटना के बाद बारामानी ने वीआरएस की इच्छा जताते हुए एक भावुक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ने का ऐलान किया था। उनके इस ऐलान के बाद कर्नाटक की राजनीति में भूचाल आ गया था। भाजपा ने इसे एक बड़ा मुद्दा बनाते हुए सिद्दारमैया पर तीखा हमला बोला था। इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए भाजपा के मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने सिद्दारमैया सरकार को निशाने पर लिया था।
'...फिर मैंने ड्यूटी पर लौटने का फैसला किया'
रिपोर्टों के मुताबिक ड्यूटी पर लौटने के बाद बारामानी ने कहा, 'मैं अपने वरिष्ठों को अपनी भावनाओं से अवगत कराया...उन्होंने मुझसे बात की। मेरी मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से भी बात हुई। इस बातचीत के बाद मैंने ड्यूटी पर लौटने का फैसला किया।' बारामानी से मुलाकात के बाद परमेश्वरा ने एएसपी बारामानी को 'अच्छी पोस्टिंग' देने का वादा किया और उनके इस्तीफे को 'आवेग में लिया गया फैसला' बताया। गृह मंत्री ने कहा कि 'पुलिस अधिकारी को अपमानित करने का सीएम का कोई इरादा नहीं था।'
मैं सीएम को जवाब देना चाहता था-बारामानी
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि वीआरएस की इच्छा जताने के बाद कर्नाटक सरकार ने उन्हें मनाने का प्रयास किया और इसमें वह सफल हुई। अपने तीन पन्ने के भावुक पत्र में बारामानी ने लिखा था कि 'न तो मुख्यमंत्री और न ही उनकी सरकार के किसी अधिकारी, अथवा मेरे विभाग ने मुझे सांत्वना देने की कोशिश की।' पुलिस अधिकारी ने आगे लिखा, 'इस घटना से मुझे काफी शर्मिंदगी हुई...एक क्षण के लिए मैं सीएम को जवाब देना चाहता था...लेकिन यह समझते हुए कि मेरे जवाब देने से सीएम को सार्वजनिक जगह पर असहज महसूस करना पड़ेगा, मैंने खुद को रोक लिया और शांत रहना ही बेहतर समझा।'
