आईजी समेत 8 अधिकारियों को उम्रकैद
सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा पाने वाले आईजी जहूर एच जैदी समेत बाकी अधिकारियों में डीएसपी मनोज जोशी, एसआई राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, हेड कॉन्स्टेबल मोहन लाल और सूरत सिंह, हेड कॉन्स्टेबल रफी मोहम्मद और कॉन्स्टेबल रानित सटेटा शामिल हैं। कोर्ट द्वारा अलग अलग धाराओं के तहत अलग-अलग सजा और जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, अदालत ने मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) डीडब्ल्यू नेगी को बरी कर दिया।
जुलाई 2017 में शिमला के कोटखाई इलाके में 16 वर्षीय गुड़िया के बलात्कार और हत्या की जांच के तहत सूरज को राजू के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद पुलिस पूछताछ के दौरान सूरज की मौत हो गई, जिससे विवाद पैदा हो गया और जनता में आक्रोश फैल गया।
क्या है मामला
मामला 4 जुलाई 2017 का है, जब 16 वर्षीय गुड़िया स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी। दो दिन बाद उसका शव कोटखाई के एक जंगल से बरामद किया गया। मामले की जांच के लिए आईजी जहूर हैदर जैदी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने राजू और सूरज समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, हिरासत में सूरज की मौत से गड़बड़ी का संदेह पैदा हो गया।
सीबीआई ने 22 जुलाई, 2017 को मामले को अपने हाथ में ले लिया और बाद में सूरज की हिरासत में मौत में उनकी भूमिका के लिए आईजी जैदी, डीएसपी जोशी और अन्य पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया था।
