Sharad Pawar : भारत-मालदीव विवाद में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया है। पवार ने मंगलवार को कहा कि हमारे प्रधानमंत्री के खिलाफ 'किसी भी देश के किसी भी व्यक्ति का बयान स्वीकार नहीं किया जाएगा।' बता दें कि पीएम के हाल के लक्षद्वीप दौरे के बाद मालदीव के मंत्रियों ने उनके और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं। इसके बाद भारत और मालदीव के रिश्ते में तनाव आ गया है।
बाहर के किसी भी व्यक्ति का गलबयानी स्वीकार्य नहीं-पवार
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक एनसीपी नेता ने कहा, 'वह हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं। किसी भी देश का कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी पद पर हो...हमारे प्रधानमंत्री के बारे में अगर इस तरह का बयान देता है तो हम उसे स्वीकार नहीं करेंगे। हमें हर हाल में प्रधानमंत्री पद का सम्मान करना चाहिए। देश के बाहर का कोई व्यक्ति हमारे प्रधानमंत्री के बारे में कुछ बोलेगा तो हम उसे स्वीकार नहीं करेंगे।'
मालदीव ने अपने 3 मंत्रियों को सस्पेंड किए
बयान पर भारत की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करने पर मालदीव ने अपने तीन मंत्रियों मलाशा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्ला महजूम माजिद को सस्पेंड कर दिया। भारत ने सोमवार को दिल्ली में मालदीव के उच्चायुक्त को तलब कर उनसे विरोध जताया। दरअसल, पीएम मोदी हाल ही में लक्षद्वीप गए थे। उन्होंने वहां के समुद्र तट की तस्वीरें X पर पोस्ट कर लोगों को यहां पर्यटन पर आने के लिए कहा। यह बातें मालदीव के कुछ नेताओं को अच्छी नहीं लगीं। इन नेताओं ने पीएम और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक एवं अमर्यादित बयान दिए। इसके बाद भारत में 'बॉयकॉट मालदीव' ट्रेंड करने लगा। लोगों का कहना है कि घूमने के लिए वे अब मालदीव नहीं जाएंगे।
मालदीव जाते हैं सबसे ज्यादा भारतीय पर्यटक
बता दें कि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय घूमने के लिए मालदीव जाते हैं। मालदीव जाने वाले विदेशी पर्यटकों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है। रिपोर्टों के मुताबिक वर्ष 2023 में 17 लाख से अधिक पर्यटकों ने मालदीव की यात्रा की थी जिनमें 2.09 लाख से अधिक भारतीय थे। इसके पहले 2022 में भारतीय सैलानियों की संख्या 2.4 लाख से अधिक थी।
