महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर चल रही चर्चाओं को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को एक बार फिर एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कर दिया है कि इस तरह की चर्चाओं का कोई महत्व नहीं है।
बारामती में पत्रकारों द्वारा एनसीपी के दोनों धड़ों के एक होने की संभावनाओं पर सवाल पूछे जाने पर उनका ये जवाब आया। इसी दौरान शरद पवार से महाराष्ट्र सरकार की नई फसल ऋण माफी योजना को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि भाजपा नीत राज्य सरकार ने पात्र किसानों की सूची चरणबद्ध तरीके से जारी करने का आश्वासन दिया है।उन्होंने कहा कि हम 15 दिन और इंतजार करेंगे। उसके बाद ही इस पर कोई टिप्पणी करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले एनसीपी (एसपी) के कुछ नेताओं ने दावा किया था कि तत्कालीन एनसीपी प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार दोनों गुटों के विलय के पक्ष में थे, लेकिन इस बारे में आगे कुछ आगे होता उससे पहले ही उनका जनवरी में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।
इससे पहले, मानसून सत्र के पहले सर्वदलीय बैठक के बाद शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले द्वारा राजनाथ सिंह के पैर छूने के बाद भी इन चर्चाओं को बल मिला था। हालांकि तब सुप्रिया सुले ने भी एनसीपी के दोनों गुटों के विलय और एनडीए में शामिल होने की किसी भी संभावना से इनकार किया था। साथ ही उन्होंने साफ किया था कि किसी भी नेता ने इस बारे में उनसे संपर्क नहीं किया है। वहीं अब शरद पवार के इस बयान के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
