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BRICS Summit में दिखा 'रामेश्वरम' का वैभव, पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को समझाया मंदिर का महत्व

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित सभी वैश्विक नेताओं का स्वागत तमिलनाडु के ऐतिहासिक रामनाथस्वामी मंदिर की पृष्ठभूमि वाले बैकड्रॉप के सामने किया।

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BRICS सम्मेलन से पीएम मोदी ने दिया सांस्कृतिक एकता का संदेश

Photo : ANI

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के मंच पर भारत ने अपनी कूटनीतिक ताकत के साथ-साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी शानदार प्रदर्शन किया। भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब दुनिया भर के शीर्ष नेताओं का स्वागत किया, तो उनके पीछे तमिलनाडु के ऐतिहासिक और पवित्र 'रामनाथस्वामी मंदिर' की भव्य तस्वीर लगी हुई थी। इस खास बैकड्रॉप के सामने पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का गर्मजोशी से हाथ मिलाकर स्वागत किया और तस्वीरें खिंचवाईं।

विशेष रूप से, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत करते समय पीएम मोदी ने उन्हें रामेश्वरम स्थित इस मंदिर के पौराणिक महत्व और इसके इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह मंदिर न केवल देश के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है, बल्कि उत्तर से लेकर दक्षिण को जोड़ने वाले चार धामों में से भी एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यह एकमात्र ऐसा धाम है जो दक्षिण भारत में स्थित है और भगवान शिव को समर्पित है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंका विजय के बाद भगवान राम ने माता सीता और लक्ष्मण के साथ यहां शिवलिंग की स्थापना कर पूजा-अर्चना की थी, ताकि रावण वध के पाप का प्रायश्चित किया जा सके। इसी कारण इस स्थान का नाम रामेश्वरम (अर्थात 'राम द्वारा स्थापित ईश्वर') पड़ा। काशी से शुरू होकर रामेश्वरम में समाप्त होने वाली यात्रा को सनातन परंपरा में बेहद पवित्र माना जाता है। वास्तुकला की दृष्टि से भी यह मंदिर अद्वितीय है।

इसमें दुनिया का सबसे लंबा गलियारा मौजूद है, जिसकी लंबाई 1.2 किलोमीटर से अधिक है और जिसमें 1200 से ज्यादा नक्काशीदार ग्रेनाइट के खंभे लगे हुए हैं। 12वीं शताब्दी में सीलोन के राजा पराक्रमबाहु से लेकर पांड्य राजवंश और रामनाथपुरम के सेथुपति राजाओं ने इसके निर्माण और विस्तार में बड़ा योगदान दिया है। BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर रामनाथस्वामी मंदिर को प्रदर्शित करके भारत ने दुनिया को अपनी अध्यात्म और शांति की महान परंपरा का संदेश दिया है। यह पहल भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम मानी जा रही है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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