BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में रात्रिभोज आयोजित की जा रही है। इस आयोजन में अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। सभी नेता संसद भवन से बस पर सवार होकर भारत मंडपम पहुंचे। इस दौरान बस में सवार नेताओं की एक मजेदार वीडियो सामने आई है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सीएम देवेंद्र फडणवीस, पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, अर्जुन मेघवाल, पियूष गोयल सहित कई दिग्गज नेता बस में सवार होकर जा रहे हैं। यात्रा के दौरान नेता एक-दूसरे से बातचीत करते नजर आए।
संयुक्त घोषणापत्र पर बनी सहमति
नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स घोषणापत्र को अपनाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर किसी भी सदस्य देश ने आपत्ति नहीं जताई। इसके साथ ही नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त घोषणापत्र को लेकर सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने में काफी लंबी बातचीत चली। सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर चर्चा सुबह करीब 4 बजे तक चली, जिसके बाद सभी पक्षों के बीच सहमति बन सकी।
दरअसल, संयुक्त घोषणापत्र में शामिल कई संवेदनशील और विवादित मुद्दों को लेकर ब्रिक्स देशों के बीच मतभेद थे। अलग-अलग देशों के अपने रणनीतिक और भू-राजनीतिक हित होने के कारण बातचीत लगातार आगे बढ़ती रही। ऐसे में भारत ने सभी पक्षों के साथ लगातार संवाद करते हुए मतभेद दूर करने और साझा सहमति बनाने की कोशिश की।
ब्रिक्स द्वारा अंगीकार किये गए ’नयी दिल्ली घोषणापत्र’ में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की गई और देश-समर्थित सीमा-पार आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं की नीति अपनाने का आह्वान किया। ’लचीलेपन, नवोन्मेष, सहयोग और स्थिरता का निर्माण’ शीर्षक वाले 45 पन्ने के इस व्यापक घोषणा-पत्र में वैश्विक आतंकवाद, अवैध वित्तीय लेन-देन, साइबर धोखाधड़ी और उभरते हुए सीमा-पार धोखाधड़ी नेटवर्क के खिलाफ इस समूह का एकजुट रुख सामने आया।
ब्रिक्स सदस्य देशों ने की पहलगाम हमले की निंदा
घोषणापत्र में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए, सदस्य देशों ने पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य लोग घायल हो गए थे। ब्रिक्स घोषणापत्र में पिछले साल पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले का स्पष्ट रूप से जिक्र करते हुए कहा गया, ’’हम आतंकवाद के किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और इसे आपराधिक व अनुचित मानते हैं,चाहे उसका उद्देश्य कुछ भी हो, और उसे कभी भी, कहीं भी या किसी ने भी अंजाम दिया हो।’’
आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों से निपटने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, सदस्य देशों ने आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही, आतंकवाद के लिए वित्तपोषण और पनाहगाहों से निपटने का आह्वान किया। संयुक्त बयान में कहा गया, ’’हम दोहराते हैं कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल तथा उन्हें समर्थन देने वाले सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और संबंधित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।’’
घोषणापत्र में आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा गया, ’’हम आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति सुनिश्चित करने और आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंडों को खारिज करने की अपील करते हैं। हम आतंकवाद से निपटने में देशों की मुख्य जिम्मेदारी पर जोर देते हैं।’’ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने ब्रिक्स दिल्ली घोषणा पत्र को भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत करार दिया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, ’’कोई अस्पष्टता नहीं है। कोई दोहरा मापदंड नहीं है। पहलगाम के मुद्दे पर ब्रिक्स एकमत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को वैश्विक कूटनीतिक आम सहमति में बदल दिया है।’’उन्होंने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर कहा, ’’भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत। ब्रिक्स आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।’’
ब्रिक्स नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत ’’अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक संधि को यथाशीघ्र अंतिम रूप देने और उसे अपनाने’’ पर जोर दिया और ’’संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई’’ करने का आह्वान किया।
इस घोषणापत्र में ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी समूह (सीटीडब्ल्यूजी) और उसके पांच उप-समूहों की गतिविधियों का स्वागत किया गया जिनके आधार पर ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी रणनीति, ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी कार्य योजना और सीटीडब्ल्यूजी का दृष्टिकोण पत्र तैयार किया गया।
