Shahi Idgah Masjid Case : शाही ईदगाह मस्जिद केस में सोमवार को इलाहबाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना सुरक्षित रख लिया। हाई कोर्ट चार बजे अपना फैसला सुनाएगा। हाई कोर्ट अपने आज के फैसले में कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति और सर्वे का तौर-तरीके तय करेगा। इससे पहले हाई कोर्ट ने मस्जिद का सर्वे करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन शीर्ष अदालत ने सर्वे कराने के हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। हाई कोर्ट आज सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर के नाम और सर्वे की प्रक्रिया क्या होगी, यह तय करेगा। माना जा रहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट ने जिस तरह से कोर्ट कमिश्नर तय किए थे कुछ वैसा ही इस मामले में देखने को मिल सकता है।
'भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे'
इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष लंबित मूल मुकदमे में दायर आवेदन में यह दावा किया गया था कि भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है और ऐसे कई संकेत हैं जो स्थापित करते हैं कि मस्जिद एक हिंदू मंदिर है, इसलिए सर्वे कराई जानी चाहिए। सर्वेक्षण के लिए एक आयोग का गठन किया जाने की मांग की गई थी।
मस्जिद में सनातन प्रतीक चिन्ह होने का दावा
याचिका में आगे कहा गया था कि एक कमल के आकार का स्तंभ मौजूद हैं, जो हिंदू मंदिरों की एक उत्कृष्ट विशेषता है और शेषनाग की एक छवि भी है, जो हिंदू देवताओं में से एक हैं, जिन्होंने भगवान कृष्ण की उनके जन्म की रात में रक्षा की थी। आवेदन में यह भी कहा गया है कि मस्जिद के स्तंभ के आधार पर हिंदू धार्मिक प्रतीक और नक्काशी भी दिखाई देती है।
