मणिपुर में अलग-अलग अभियानों में चार प्रतिबंधित संगठनों के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीडब्ल्यूजी) के दो सदस्यों को शुक्रवार को इम्फाल पश्चिम जिले के लमफेल इलाके से पकड़ा गया, जबकि इसी संगठन के एक अन्य सदस्य को बीर टिकेंद्रजीत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के गेट के पास से गिरफ्तार किया गया।
चार प्रतिबंधित संगठनों के सात सदस्यों को किया गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान मोइरंगथेम जीवन सिंह (27), लैशराम टिकेन सिंह (40) और थौदम प्रेमकुमार सिंह (38) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लमफेल से गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 50,000 रुपये भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित कांगलेई यावोल कानबा लुप (केवाईकेएल) संगठन के दो सदस्यों को बृहस्पतिवार को तेंगनौपाल जिले में भारत-म्यांमा सीमा पर स्थित लोकचाओ नदी के पास से पकड़ा गया।
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों की पहचान केशम नाओचा उर्फ निंगसिंगबा (38) और निंगथौजम संजय (18) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि इन लोगों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित केसीपी (ताइबंगनबा) गुट के 24 वर्षीय सदस्य मयांगलाम्बम बोरिश सिंह को भी शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने एक अन्य प्रतिबंधित संगठन के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान निंगथौजम धनंजय के रूप में हुई।
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 114 हथियार बरामद किए
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान चलाकर 114 हथियार, परिष्कृत विस्फोटक उपकरण (आईईडी), ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किए हैं। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। यह अभियान दो सप्ताह की उस अवधि के समाप्त होने के बाद चलाया गया जिसमें लोगों को लूटे और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से जमा करने का मौका दिया गया था।
मणिपुर के पहाड़ी और घाटी जिलों में चलाया गया अभियान
बयान में कहा गया कि सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर मणिपुर के पहाड़ी और घाटी जिलों बिष्णुपुर, सेनापति, थौबल, जिरीबाम, चंदेल, चुराचांदपुर, कांगपोकपी, इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम में अभियान चलाये। अभियान के दौरान कुल 114 हथियार, आईईडी, ग्रेनेड, गोला-बारूद बरामद किए गये। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि दो सप्ताह की समय-सीमा के दौरान लोगों ने एक हजार से अधिक हथियार और गोला-बारूद स्वेच्छा से सुरक्षा बलों को सौंपे थे।
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को हिंसा में शामिल समूहों से आग्रह किया था कि वे सुरक्षा बलों से लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिन के भीतर स्वेच्छा से सौंप दें। लोगों की मांग पर इस समय-सीमा को बढ़ाकर छह मार्च शाम चार बजे तक कर दिया गया था। प्रशासन ने यह आश्वासन दिया था कि इस अवधि में हथियार सौंपने वाले लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
