साल 2024 के लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे विपक्ष के खेमे में प्रेशर बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से लोहा लेने के लिए अपोजीशन पार्टियों के नेता अपनी एड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर चुके हैं। इसी कड़ी में विपक्षी दलों के गठजोड़ ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की अगली मीटिंग के एजेंडे में घटक दलों के बीच सीटों के तालमेल (अगले आम चुनाव के लिए) का मसला टॉप पर रहेगा।
गुरुवार (सात दिसंबर, 2023) को सूत्रों ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि ‘इंडिया’ गठबंधन की अगली बैठक 17 से 20 दिसंबर के बीच हो सकती है। बैठक की तारीख फिलहाल तय नहीं हुई है, लेकिन यह दिसंबर के तीसरे हफ्ते में होगी। दरअसल, ‘इंडिया’ गठबंधन के कई घटक विभिन्न राज्यों में सीट बंटवारे पर तेजी से फैसला लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं, ताकि उम्मीदवारों को प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिल सके और जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन किया जा सके।
वैसे, इससे पहले इंडिया के 17 घटक दलों के संसदीय दल के नेताओं ने बुधवार (छह दिसंबर, 2023) को नई दिल्ली में बैठक की थी। मीटिंग में संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र से जुड़े मुद्दों और 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। कांग्रेस का कहना है कि गठबंधन के घटक दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक की तारीख के बारे में एक-दो दिन में घोषणा की जाएगी।
ध्यान देने वाली बात है कि गठबंधन के कुछ घटक दलों के प्रमुख नेताओं की अनुपलब्धता के चलते संसदीय दल के नेताओं की समन्वय बैठक हुई। प्रमुख नेताओं की बैठक इस महीने के तीसरे सप्ताह में होगी। यह बैठक ऐसे समय हुई थी, जब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने तेलंगाना में जीत दर्ज की है।
दरअसल, साल 2024 के आम चुनाव (लोकसभा इलेक्शंस) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का मुकाबला करने के लिए 26 विपक्षी दलों ने ‘इंडिया’ नाम का गठजोड़ बनाया है। हालांकि, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में हार के बाद इस गठबंधन के कुछ घटक दलों ने कांग्रेस पर सवाल खड़े किए थे।
