Sanwaliya Seth Ji Mandir: मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलियाजी मंदिर में अक्सर भक्त अपनी मन्नत पूरी होने पर सोने-चांदी के करोड़ों के आभूषण और अनोखी सामग्रियां चढ़ाते हैं। लेकिन इस बार सांवलिया सेठ के दरबार में एक ऐसा अनोखा चढ़ावा आया है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक भक्त के दिल का सफल ऑपरेशन होने पर उनके परिवार ने भगवान को 197 ग्राम वजनी चांदी का 'हार्ट' (दिल) चढ़ावे के रूप में अर्पित किया है। मंदिर के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी भक्त ने भगवान को चांदी का दिल भेंट किया है।
यह अनोखा चढ़ावा सांवलियाजी के स्थानीय निवासी बालमुकुंद तिवारी के परिवार द्वारा अर्पित किया गया है। उनके बेटे उमेश तिवारी ने बताया कि करीब तीन साल पहले उनके पिता बालमुकुंद तिवारी की तबीयत अचानक बेहद बिगड़ गई थी। उन्हें गंभीर हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत उदयपुर और फिर वहां से बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद (गुजरात) ले जाया गया।
बेटे ने मांगी पिता के लिए मन्नत
डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति गंभीर है और हार्ट का बाईपास ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन थियेटर के बाहर खड़े सहमे हुए परिवार ने उस मुश्किल वक्त में अपने आराध्य भगवान श्री सांवलिया सेठ की शरण ली। परिजनों ने मन्नत मांगी कि यदि पिता का यह बड़ा ऑपरेशन सफल हो जाता है और वे पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, तो वे सांवरा सेठ के चरणों में चांदी का हार्ट चढ़ाएंगे।
बैंड-बाजों के साथ सांवलियाजी मंदिर पहुंचा परिवार
भगवान सांवलिया सेठ की कृपा से बालमुकुंद तिवारी का बाईपास ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और वे स्वस्थ होकर घर लौट आए। मन्नत पूरी होने पर पूरा तिवारी परिवार और उनके रिश्तेदार खुशी से झूम उठे। इस मन्नत को उतारने के लिए पूरा परिवार बैंड-बाजों के साथ, नाचते-गाते हुए अपने घर से श्री सांवलियाजी मंदिर के लिए रवाना हुआ।
मंदिर पहुंचकर परिवार ने सांवरा सेठ को 197 ग्राम शुद्ध चांदी से बना हार्ट और साथ ही एक चांदी का नलकूप (हैंडपंप) भी भेंट किया। इस अनोखे और भावुक चढ़ावे को देखकर मंदिर में मौजूद अन्य श्रद्धालु भी भाव-विभोर हो गए। इसके बाद मंदिर मंडल द्वारा श्रद्धालु परिवार का उपरना ओढ़ाकर और भगवान श्री सांवलिया सेठ का पवित्र प्रसाद भेंट कर आदरपूर्वक स्वागत किया गया।
