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'सिद्धू मूसेवाला की तरह होगा हाल'...संजय राउत को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान की धमकी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 1, 2023, 12:34 PM IST

Sanjay Raut Received Threat Message: राज्यसभा सांसद संजय राउत को देर रात धमकी भरा मैसेज मिला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। मैसेज में कहा गया है कि दिल्ली में उन्हें एके-47 से गोली मार दी जाएगी।

Sanjay Raut News: शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को जान से मारने की धमकी मिली है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से उन्हें धमकी भरा संदेश भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि उनका भी हाल सिद्घू मूसेवाला की तरह होगा और दिल्ली में उनकी हत्या कर दी जाएगी।

हत्या की धमकी के बाद संजय राउत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, राउत को देर रात धमकी भरा संदेश मिला, जिसमें उन्हें हिंदू विरोधी बताया गया है।

एके-47 से उड़ाने की धमकी

संजय राउत को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी दी गई है। उन्हें देर रात व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला, इसमें कहा गया है कि अगर तू दिल्ली में मिला तो तुझे एके-47 से उड़ा दूंगा। तुम्हारा भी हाल सिद्धू मूसेवाला की तरह होगा। मैसेज में यह भी कहा गया है कि यह मैसेज लॉरेंस बिश्नोई की तरफ से है। इससे पहले ऐसी ही एक धमकी फिल्म अभिनेता सलमान खान को भी दी गई थी। यह धमकी भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

मूसेवाला को दिनदहाड़े मारी गई थी गोली

बता दें, जाने-माने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की बीते साल 29 मई को हत्या कर दी गई थी। उन्हें बीच सड़क पर गोली मारी गई थी,जब मूसेवाला अपनी गाड़ी में थे। हमलावरों ने मूसेवाला पर 30 राउंड से अधिक गोलियां चलाई थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। खास बात यह है कि पंजाब सरकार ने हत्या से एक दिन पहले ही उनकी सुरक्षा हटाई थी, जिससे पंजाब सरकार पर भी कई सवाल खड1े हुए। पंजाब पुलिस ने इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं।

पुणे से एक को हिरासत में लिया गया

संजय राउत को धमकी देने के मामले में पुलिस ने पुणे में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इसी व्यक्ति ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर संजय राउत को धमकी भरा संदेश भेजा था। अभिनेता सलमान खान को धमकी भरे संदेश के संबंध में भी उसे पूछताछ की जाएगी। आरोपी के बिश्नोई गैंग से संबंध की भी पुलिस जांच करेगी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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