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Sanchar Saathi App: मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप इंस्टॉल करने के मामले ने पकड़ा सियासी तूल, कांग्रेस ने बताया असंवैधानिक, संसद में भी गूंजेगा मामला

उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संचार साथी ऐप पर कहा कि ये सर्विलेंस करना का एक और तरीका है। ये सारी एक्टिविटी ट्रैक कर पाएगा। फोन आपकी पर्सनल चीज है। सरकार प्राइवेसी का हनन कर रही है। कौन क्या कर रहा है, किससे बात कर रहा है.. सरकार कितनी दखलंदाजी करेगी?

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मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप इंस्टॉल करने के मामले ने पकड़ा सियासी तूल (ANI)

Sanchar Saathi App Issue: कांग्रेस ने नए मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी ऐप (Sanchar Saathi App) को पहले से इंस्टॉल करने के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स के निर्देशों को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया है। कांग्रेस ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी के सी वेणुगोपाल ने कहा कि प्राइवेसी का अधिकार, जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का एक जरूरी हिस्सा है। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसे लेकर सरकार को घेरा है। प्रियंका ने कहा कि इससे निजता खत्म हो रही है। सरकार तानाशाही कर रही है, इस फैसले को वापस लिया जाए।

'भारतीय पर नजर रखने का एक डरावना टूल..'

उन्होंने कहा, 'बिग ब्रदर हमें नहीं देख सकते। DoT का यह निर्देश असंवैधानिक से भी परे है। प्राइवेसी का अधिकार, संविधान के आर्टिकल 21 में दिए गए जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का एक जरूरी हिस्सा है।' वेणुगोपाल ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'एक प्री-लोडेड सरकारी ऐप जिसे अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता, हर भारतीय पर नजर रखने का एक डरावना टूल है।' 'यह हर नागरिक की हर हरकत, बातचीत और फैसले पर नजर रखने का एक तरीका है।'

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर लगातार हमलों की लंबी सीरीज का हिस्सा है, जिसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा, 'हम इस निर्देश को खारिज करते हैं और इसे तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं।'

'सर्विलेंस करना का एक और तरीका...'

उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संचार साथी ऐप पर कहा, 'ये सर्विलेंस करना का एक और तरीका है। ये सारी एक्टिविटी ट्रैक कर पाएगा। फोन आपकी पर्सनल चीज है। सरकार प्राइवेसी का हनन कर रही है। कौन क्या कर रहा है, किससे बात कर रहा है.. सरकार कितनी दखलंदाजी करेगी?'

'प्राइवेसी का कोई खतरा नहीं...'

भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा, 'यह बहुत जरूरी कदम है। मैं IIT का हूं तो मैं जानता हूं कि किस तरह का साइबर अटैक हो रहा है...मैं जानता हूं कि इस संचार ऐप से लोगों में सिक्योरिटी की भावना जागती है और हमारे डेटा सुरक्षित रहेंगे तथा डिजिटल माध्यम से नागरिक का हर तरह से बचाव होगा। मैं इसका स्वागत करता हूं...प्राइवेसी का कोई खतरा नहीं है।'

रेणुका चौधरी ने संचार साथी ऐप पर एडजर्नमेंट मोशन फाइल किया

कांग्रेस MP रेणुका चौधरी ने कहा, 'प्राइवेसी का अधिकार, संविधान के आर्टिकल 21 के तहत गारंटी वाले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का एक जरूरी हिस्सा है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स का सर्कुलर, जिसमें स्मार्टफोन बनाने वालों और इंपोर्ट करने वालों को 'संचार साथी' एप्लिकेशन को इस तरह से प्री-लोड करने का निर्देश दिया गया है कि उसे डिलीट न किया जा सके, इस मौलिक अधिकार का गंभीर अपमान है। ऐसा आदेश हर जगह निगरानी को मुमकिन बनाता है और नागरिकों की हर हरकत, बातचीत और फैसले पर बिना किसी जरूरी सुरक्षा या पार्लियामेंट की निगरानी के लगातार नजर रखने का खतरा पैदा करता है।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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