भगवा आतंकवाद का जिक्र
शिंदे ने अपनी आत्मकथा के दूसरे अध्याय में भगवा आतंकवाद का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि 2013 कांग्रेस के जयपुर में आयोजित चिंतन शिविर में उन्होंने भगवा आतंकवाद का जिक्र किया था लेकिन ये शब्द उन्होंने गृह-मंत्रालय के एक कॉन्फिडेंशियल फाइल में पढ़ा था। गृह मंत्रालय की जांच से पता चला था कि कुछ भगवा संगठनों ने आतंकवाद फैलाने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए हैं। जांच के दौरान यह रिपोर्ट सामने आई थी कि भाजपा और आरएसएस आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर आयोजित करते हैं ताकि आतंकवाद फैलाया जा सके।
शिंदे ने कांग्रेस नेतृत्व को दी जानकारी
समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और मालेगांव में बम विस्फोट किए गए थे। बतौर गृहमंत्री शिंदे ने ये जानकारी कांग्रेस नेतृत्व को दी। उन्होंने कहा कि उन्हें भगवा आतंकवाद शब्द गृह मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए एक गोपनीय दस्तावेज में मिला था। उन्होंने अपने किताब में ये भी कहा कि बयान देने से पहले उन्होंने आरोपों की सच्चाई की जांच की थी। वहीं, उस समय गृह सचिव आर.के. सिंह का जिक्र करते हुए शिंदे ने अपने किताब में लिखा कि उनके बयान का गृह सचिव आर के सिंह ने भी समर्थन किया था, लेकिन जब वो बीजेपी में शामिल हुए और बीजेपी की राजनीति करने लगे तब उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा।
