देश

Ayodhya Ram Mandir: सद्गुरु ने किया अयोध्या का दौरा, बोले -'राम मंदिर पत्थर का नहीं, बल्कि सचेतन त्याग का मंदिर'

  • Compiled by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 12, 2024, 09:46 PM IST

Sadhguru Visited Ayodhya Ram Temple:सद्गुरु ने राम मंदिर के निर्माण को भारत की 'सभ्यता का ऐतिहासिक क्षण' बताया जो 500 सालों के संघर्ष के बाद आया है।

Image

सद्गुरु ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार भव्य राम मंदिर का दौरा किया

Sadhguru Visited Ayodhya Ram Temple: सद्गुरु ने सोमवार यानी 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार भव्य राम मंदिर का दौरा किया। सोशल मीडिया पर सद्गुरु ने कहा, 'उन पीढ़ियों के प्रति हार्दिक आभार जिन्होंने इसे साकार करने का प्रयास किया है। यह पत्थर का मंदिर नहीं, बल्कि भक्ति और सचेतन त्याग का मंदिर है।'

इससे पहले सद्गुरु ने सोशल मीडिया पर अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए कहा, 'आज मैं अतीत के एक महान प्राणी का सम्मान करने, और उन सभी लोगों का सम्मान करने के लिए अयोध्या जा रहा हूं, जिन्होंने इस सभ्यता के इस महान व्यक्तित्व और उनसे मिलने वाली प्रेरणा को अभिव्यक्त करने के लिए अथक संघर्ष किया है।'

'राम निश्चित रूप से अतीत से आई प्रेरणा हैं लेकिन वह भविष्य के लिए भी बहुत प्रासंगिक'

सद्गुरु ने कहा, '500 से अधिक वर्षों के संघर्ष के बाद, भक्तों ने इसे संभव बनाया है। राम निश्चित रूप से अतीत से आई प्रेरणा हैं लेकिन वह भविष्य के लिए भी बहुत प्रासंगिक हैं। आपकी व्यक्तिगत पसंद-नापसंद, चाहत, और प्रेम महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जब विस्तृत कल्याण की बात आती है, जब विस्तृत जनहित की बात आती है, तो आप अपनी सबसे महत्वपूर्ण चीजों को भी एक तरफ रखना सीखते हैं और वही करते हैं जो ज्यादातर लोगों के लिए सही है। राम इसी गुण का एक मूर्त रूप हैं।'

उन्होंने भगवान राम के व्यक्तित्व पर बोलते हुए कहा, 'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जीवन आपकी ओर कौन सी परिस्थितियां उछालता है - उनमें भी संतुलन और समभाव बनाए रखना, अपने दिल और दिमाग पर होने वाले आक्रमण से खुद को मुक्त रखना, अपने आस-पास होने वाली चीजों से विचलित ना होना, अपने अंदर दैवीय संभावना से परिपूर्ण होना - यही राम हैं।'

'राम कई मायनों में दुनिया के भविष्य होने चाहिए। इस बात को केवल किसी की पूजा करने के संदर्भ में ना सोचें। सबसे महत्वपूर्ण बात है उस संभावना का अनुकरण करना - उन मूल्यों का अनुकरण करना, मनुष्य के उस स्वभाव का अनुकरण करना जिसके अंदर जीवन की किसी भी परिस्थिति में अपना रास्ता चुनने की स्वतंत्रता है।' सद्गुरु ने निष्कर्ष निकाला।

इस बीच, सद्गुरु ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए, सद्गुरु ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, 'श्री योगी आदित्यनाथ जी की दूरदर्शिता और उनका नेतृत्व उत्तर प्रदेश को विकास और संस्कृति का प्रतिमान बनाने की दिशा में आगे ले जा रहा है। लोगों की खुशहाली के प्रति उनका उत्साह और समर्पण सचमुच सराहनीय है।'

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें