सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत दे दी। बिक्रम सिंह मजीठिया पटियाला की नाभा जेल में बंद थे।जिसे उन्होंने CM भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य की AAP सरकार द्वारा 'घटिया राजनीतिक बदले की भावना' बताया था।
गौरतलब है कि विजिलेंस विभाग ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत दे दी पार्टी प्रवक्ता अर्शदीप ने वीडियो जारी कर इस बात की जानकारी दी।
सुप्रीम कोर्ट से यह राहत ऐसे समय में मिली है जब मजीठिया के बहनोई सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले SAD ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि जेल में उनकी जान को खतरा है।
'राज्य सरकार ने मजीठिया की सुरक्षा के लिए 'कुछ भी ठोस' नहीं किया'
SAD नेताओं ने पंजाब गवर्नर से मुलाकात कर आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने मजीठिया की सुरक्षा के लिए 'कुछ भी ठोस' नहीं किया है, 'जबकि खुफिया इनपुट से उनकी जान को खतरा होने का संकेत मिला था।' मजीठिया को जून 2025 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। SAD नेताओं ने आरोप लगाया कि माजिठिया की जेल कोठरी के अंदर अतिरिक्त कैमरे 'दिखावे' के तौर पर लगाए जा रहे हैं और यह उनके अधिकारों का और उल्लंघन है।
'वॉशरूम और टॉयलेट की तरफ मुंह करके एक कैमरा लगाने की कोशिश'
उन्होंने दावा किया कि वॉशरूम और टॉयलेट की तरफ मुंह करके एक कैमरा लगाने की कोशिश की गई, कथित तौर पर बिना कपड़ों और पगड़ी या परना के उनकी रिकॉर्डिंग करने के इरादे से, जिसे उन्होंने प्राइवेसी का उल्लंघन और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना बताया।
'मीटिंग पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए थे'
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने यह भी आरोप लगाया कि 15 जनवरी को जब मजीठिया की पत्नी गनीव कौर मजीठिया नाभा जेल गईं, तो मीटिंग पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए थे। SAD ने कहा, 'इस बात का गंभीर डर है कि कैमरों में माइक भी लगे हैं।' वहीं राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
