Sachin Pilot : गत सितंबर में राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक नहीं होने देने वाले पार्टी के नेताओं पर कार्रवाई नहीं होने पर सचिन पायलट ने चिंता एवं नाराजगी जाहिर की है। समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ साक्षात्कार में उन्होंने बुधवार को कहा कि इस मामले में कार्रवाई करने में पार्टी की ओर से 'अत्यधिक विलंब' हुआ है। पायलट ने कहा कि राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा यदि बदलनी है तो कांग्रेस को इस मामले में जरूर कदम उठाना चाहिए। समझा जाता है कि पायलट ने यह बयान सीएम अशोक गहलोत गुट पर दबाव बढ़ाने के लिए दिया है। पायलट ने कहा कि अनुशासन सभी के लिए एक होना चाहिए।
अनुशासन सभी के लिए एक होना चाहिए-पायलट
सीएम अशोक गहलोत के तीन करीबी नेताओं को चार महीने पहले जारी कारण बताओ नोटिस का हवाला देते हुए पायलट ने कहा कि मामले में कार्रवाई करने में इतना विलंब क्यों हुआ, इसका जवाब एके एंटनी की अगुवाई वाली एआईसीसी की अनुशासनात्मक समिति, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं पार्टी नेतृत्व बेहतर तरीके से दे सकता है। अनुशासन सभी के लिए एक होना चाहिए।
अनुशासनहीनता के लिए नोटिस दिए गए थे
उन्होंने कहा, ‘विधायक दल की बैठक 25 सितंबर को मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई थी। यह बैठक नहीं हो सकी। बैठक में जो भी होता वो अलग मुद्दा था, लेकिन बैठक ही नहीं होने दी गई।’उन्होंने कहा कि जो लोग बैठक नहीं होने देने और समानांतर बैठक बुलाने के लिए जिम्मेदार थे उन्हें ‘प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता’के लिए नोटिस दिए गए थे।
पायलट ने पूछा-इतना विलंब क्यों?
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुझे मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली कि इन नेताओं ने नोटिस के जवाब दे दिए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तरफ से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मुझे लगता है कि एके एंटनी के नेतृत्व वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी नेतृत्व ही इसका सही जवाब दे सकते हैं कि निर्णय लेने में इतना ज्यादा विलंब क्यों हो रहा है।’
परंपरा बदलनी है तो पार्टी को फैसला करना होगा
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘हम बहुत जल्द चुनाव की तरफ बढ़ रहे हैं, बजट भी पेश हो चुका है। पार्टी नेतृत्व ने कई बार कहा कि वह फैसला करेगा कि कैसे आगे बढ़ना है। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बारे में जो भी फैसला करना है वो होना चाहिए क्योंकि इस साल के आखिर में चुनाव है।’उनके अनुसार, अगर हर पांच साल पर सरकार बदलने की 25 साल से चली आर रही परंपरा बदलनी है और फिर से कांग्रेस की सरकार लानी है तो जल्द फैसला करना होगा।
