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पांच दिन की यात्रा पर रूस पहुंचे जयशंकर, बोले- नेताओं के साथ बैठकों को लेकर बहुत उम्मीदें

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Dec 26, 2023, 06:15 AM IST

S Jaishankar Russia Visit: जयशंकर ने इस पर विचार साझा किए कि इस रूपरेखा में भारत-रूस संबंध कैसे आगे बढ़ेंगे और उन्होंने कनेक्टिविटी, बहुपक्षवाद, बड़ी शक्तियों के बीच स्पर्धा और क्षेत्रीय संघर्षों पर भी चर्चा की।

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एस जयशंकर

Photo : ANI

S Jaishankar Russia Visit: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि वह रूस की अपनी पांच दिवसीय यात्रा में देश के नेताओं के साथ अपनी बैठकों को लेकर आशान्वित हैं। जयशंकर सोमवार को रूस की पांच दिवसीय यात्रा पर मॉस्को पहुंचे, इस दौरान वह अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ बातचीत करेंगे और विभिन्न द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। जयशंकर ने ट्विटर पर पोस्ट किया, मॉस्को पहुंच गया हूं। अपनी बातचीत को लेकर आशान्वित हूं।

1962 में बचपन में मिले एक निमंत्रण पत्र को साझा किया

एक अन्य पोस्ट में विदेश मंत्री ने 1962 में उन्हें बचपन में मिले एक निमंत्रण पत्र को साझा किया, जो सोवियत संघ के अंतरिक्ष यात्रियों के एक अभियान का जश्न मनाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने रूस के रणनीतिक समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधियों से बातचीत की और कनेक्टिविटी, बहुपक्षवाद, बड़ी शक्तियों के बीच स्पर्धा तथा क्षेत्रीय संघर्षों पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा, रूसी रणनीतिक समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ खुली और दूरदर्शी बातचीत की। पुन: संतुलन के महत्व और बहुध्रुवीयता के उदय के बारे में बात की।

भारत-रूस संबंधों पर रूपरेखा बताई

उन्होंने इस पर विचार साझा किए कि इस रूपरेखा में भारत-रूस संबंध कैसे आगे बढ़ेंगे और उन्होंने कनेक्टिविटी, बहुपक्षवाद, बड़ी शक्तियों के बीच स्पर्धा और क्षेत्रीय संघर्षों पर भी चर्चा की। विदेश मंत्री ने कहा कि भूराजनीति और रणनीतिक अभिसरण भारत-रूस संबंधों को हमेशा सकारात्मक पथ पर बनाए रखेगा। जयशंकर रूस के उप प्रधानमंत्री व उद्योग और व्यापार मंत्री डेनिस मांतुरोव से मुलाकात करेंगे और आर्थिक साझेदारी से जुड़े मामलों पर उनसे चर्चा करेंगे। वह द्विपक्षीय, बहुपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ भी वार्ता करेंगे।

भारत-रूस साझेदारी स्थिर और लचीली

विदेश मंत्रालय ने रविवार को नई दिल्ली में कहा कि समय के साथ परखी गई भारत-रूस साझेदारी स्थिर और लचीली बनी हुई है और विशेष तथा विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की भावना से रेखांकित है। हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंध और सांस्कृतिक साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, विदेश मंत्री के कार्यक्रम में मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में वार्ताएं भी शामिल होंगी। दोनों पक्ष विशेष रूप से व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और संपर्क के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों के अनेक पहलुओं पर चर्चा कर सकते हैं।

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बावजूद भारत और रूस के बीच संबंध मजबूत बने रहे हैं। भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल का आयात काफी बढ़ गया है, जबकि कई पश्चिमी देशों में इसे लेकर बेचैनी है। भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा नहीं की है और वह कहता रहा है कि इस मुद्दे का समाधान कूटनीति और संवाद से किया जाना चाहिए।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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