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रोहू या कतला? राहुल गांधी ने जन्मदिन पर तेजस्वी यादव से मांगी लंच पार्टी, जवाब क्या मिला...

Rahul Gandhi Tejashwi Yadav: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव से कुछ ऐसी चीज डिमांड कर दी, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, तेजस्वी यादव की जन्मदिन की बधाई पर रिप्लाई करते हुए राहुल गांधी ने उसने लंच पार्टी मांगी और इसमें रोहू या कतला मछली खाने की डिमांड रख दी।

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Rahul Gandhi-Tejashwi Yadav

Photo : Twitter

Rahul Gandhi Tejashwi Yadav: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को अपना 54वां जन्मदिन मनाया। इस दौरान तमाम नेताओं ने राहुल गांधी को शुभकामनाएं दीं, इसमें राजद नेता तेजस्वी यादव भी शामिल थे। उन्होंने भी राहुल गांधी को जन्मदिन के मौके पर शुभकामनाएं प्रेषित की। बदले में कांग्रेस नेता ने कुछ ऐसी चीज डिमांड कर दी, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, तेजस्वी यादव की जन्मदिन की बधाई पर रिप्लाई करते हुए राहुल गांधी ने उसने लंच पार्टी मांगी और इसमें रोहू या कतला मछली खाने की डिमांड रख दी।

पहले तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी को बधाई देते हुए लिखा कि भाई आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आपने उल्लेखनीय दूरदर्शिता और नेतृत्व का परिचय दिया है। आपके लंबे, खुशहाल, स्वस्थ और सफल जीवन की कामना करता हूं। इस बधाई संदेश का राहुल गांधी ने बड़ा ही मजेदार जवाब देते हुए लिखा कि आपकी शुभकामाओं के लिए धन्यवाद भाई, अलग चंद- कतला या रोहू!

तेजस्वी ने भी दिया जवाब

राहुल गांधी की ओर से लंच की फरमाईश को तेजस्वी यादव ने भी नजरअंदाज नहीं किया। उन्होंने उन्हें तुरंत रिप्लाई देते हुए लिखा कि निश्चित भाई। कतला- फ्राइड, रोहू- झोर (ग्रेवी)। यानी तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी को बताया कि वह लंच पार्टी में राहुल गांधी को कौन भी मछली खिलाने वाले हैं। बता दें, पिछले दिनों लालू यादव के आवास पर मटन पार्टी हुई थी, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। इस दौरान राहुल और लालू यादव साथ में मटन बनाते दिखे थे।

चुनाव में मुद्दा बना था तेजस्वी का मछली भोज

बता दें, लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने वाआईपी पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी के साथ हेलिकॉप्टर में मछली खाते हुए वीडियो पोस्ट किया था। भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया था और तेजस्वी यादव पर जानबूझ कर हिंदू भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था। अब राहुल गांधी के कमेंट को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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