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USAID के बारे में खुलासे बेहद परेशान करने वाले, मामले की हो रही जांच...पहली बार विदेश मंत्रालय ने तोड़ी चुप्पी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएसएड द्वारा भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए किए गए 2.1 करोड़ डॉलर के वित्तपोषण को लेकर सवाल उठाया था। इसके बाद से देश में सियासी घमासान मचा है।

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USAID पर विदेश मंत्रालय का बयान

Photo : ANI

MEA on USAID: यूएसएड (USAID) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में जुबानी जंग के बीच विदेश मंत्रालय ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यूएसएड के बारे में खुलासे बेहद परेशान करने वाले हैं, संबंधित विभाग और अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि यूएसएड के वित्तपोषण की जानकारी से भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप से जुड़ी चिंता पैदा हुई है।

कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

बता दें कि यूएसएड को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने अमेरिकी एजेंसी यूएसएड (USAID) के वित्तपोषण के मामले से जुड़ी एक खबर का हवाला देते हुए शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार करते हुए उस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि अब सच सामने आने के बाद सत्तारूढ़ दल को माफी मांगनी चाहिए। मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि यूएसएड और अन्य ऐसी विदेशी एजेंसियों द्वारा पिछले 70 वर्षों के दौरान भारत में की गई फंडिंग पर श्वेत पत्र लाया जाना चाहिए।

ट्रंप ने किया सनसनीखेज दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएसएड द्वारा भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए किए गए 2.1 करोड़ डॉलर के वित्तपोषण को लेकर सवाल उठाया था और कहा था कि उन्हें लगता है कि पूर्व का अमेरिकी प्रशासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव किसी और को जितवाना चाहता था। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में शुक्रवार को प्रकाशित एक खबर में कहा गया कि यह 2.1 करोड़ डॉलर भारत में नहीं, बल्कि बांग्लादेश में भेजा गया था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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