MEA on USAID: यूएसएड (USAID) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में जुबानी जंग के बीच विदेश मंत्रालय ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यूएसएड के बारे में खुलासे बेहद परेशान करने वाले हैं, संबंधित विभाग और अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि यूएसएड के वित्तपोषण की जानकारी से भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप से जुड़ी चिंता पैदा हुई है।
कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने
बता दें कि यूएसएड को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने अमेरिकी एजेंसी यूएसएड (USAID) के वित्तपोषण के मामले से जुड़ी एक खबर का हवाला देते हुए शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार करते हुए उस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि अब सच सामने आने के बाद सत्तारूढ़ दल को माफी मांगनी चाहिए। मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि यूएसएड और अन्य ऐसी विदेशी एजेंसियों द्वारा पिछले 70 वर्षों के दौरान भारत में की गई फंडिंग पर श्वेत पत्र लाया जाना चाहिए।
ट्रंप ने किया सनसनीखेज दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएसएड द्वारा भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए किए गए 2.1 करोड़ डॉलर के वित्तपोषण को लेकर सवाल उठाया था और कहा था कि उन्हें लगता है कि पूर्व का अमेरिकी प्रशासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव किसी और को जितवाना चाहता था। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में शुक्रवार को प्रकाशित एक खबर में कहा गया कि यह 2.1 करोड़ डॉलर भारत में नहीं, बल्कि बांग्लादेश में भेजा गया था।
