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अशोक चक्र से सम्मानित होंगे IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, ISS में रिसर्च कर रचा था इतिहास; 70 वीर सैनिकों को वीरता पुरस्कार

Shubanshu Shukla Ashok Chakra: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों के 70 जवानों को वीरता पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। इनमें छह सम्मान मरणोपरांत दिए जाएंगे। इस दौरान भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। ये पुरस्कार देश की सुरक्षा, असाधारण साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए दिए गए योगदान को मान्यता देते हैं।

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और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा।(फोटो सोर्स: ANI)

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Shubanshu Shukla Ashok Chakra: गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों के 70 कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। इन पुरस्कारों में छह सम्मान मरणोपरांत दिए जाएंगे, जो देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को समर्पित हैं।

शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया जाएगा सम्मानित

इस अवसर पर एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

सरकारी बयान के अनुसार, ये वीरता पुरस्कार असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए दिए गए अद्वितीय योगदान को मान्यता देने के लिए प्रदान किए जाते हैं। सम्मानित होने वाले जवानों में थल सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारी और कर्मी शामिल हैं। अशोक चक्र से सम्मानित किए जाने वाले शुभांशु शुक्ला ने न केवल भारतीय वायुसेना में उत्कृष्ट सेवा दी, बल्कि अंतरिक्ष मिशनों के माध्यम से भी देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया। उनका यह सम्मान साहस, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का प्रतीक माना जा रहा है।

स्पेस स्टेशन जाकर कई वैज्ञानिक प्रयोग का बने थे हिस्सा

शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम मिशन-4 (Axiom Mission 4) के तहत अपनी ऐतिहासिक यात्रा पूरी की। स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर उन्होंने ISS के लिए उड़ान भरी थी। अंतरिक्ष के उस जटिल वातावरण में उन्होंने न केवल कई वैज्ञानिक प्रयोग किए बल्कि यह भी साबित किया कि भारतीय अंतरिक्ष यात्री दुनिया के किसी भी मिशन का नेतृत्व करने में सक्षम हैं। उनकी इस सफलता ने भारत के भविष्य के गगनयान मिशन के लिए नीव का काम किया है।

70 जवानों को वीरता पुरस्कार

वहीं, असाधारण साहस और बलिदान के लिए सशस्त्र बलों के 70 जवानों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी है। इनमें छह पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे। इस लिस्ट में देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, सेना मेडल (गैलेंट्री), नौसेना मेडल (गैलेंट्री) और वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) शामिल हैं।

कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित होंगे ये अधिकारी

कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने वालों की लिस्ट
  • ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
  • मेजर अरशदीप सिंह
  • नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा
वहीं, शौर्य चक्र पाने वालों में सेना, नौसेना और अर्धसैनिक बलों के कई जांबाज़ अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 21 पैरा स्पेशल फोर्स, 5 पैरा स्पेशल फोर्स, 11 पैरा स्पेशल फोर्स, असम राइफल्स, राष्ट्रीय राइफल्स और भारतीय नौसेना के अधिकारी शामिल हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को उत्तम युद्ध सेवा मेडल

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा बड़ी संख्या में अधिकारियों और जवानों को विशिष्ट और अति विशिष्ट सेवा के लिए अलंकरण प्रदान किए गए हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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