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‘न युद्ध, न शांति’...भारत में ईरान के दूत मजीद हकीम इलाही का बड़ा बयान,होर्मुज पर भी बोले

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका पर हमला बोला है। अमेरिका और इजराइल अपनी इच्छाएं दूसरे देशों पर थोपना चाहते हैं। जिसकी कीमत दुनिया को भुगतनी पड़ रही है।

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भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही।

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ईरान और इजराइल-अमेरिका गठबंधन के बीच जारी तनाव को न युद्ध और न शांति वाले हालात हैं। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में शांति और वैश्विक स्थिरता चाहिए तो वह सिर्फ इस बात पर निर्भर करती है कि जंग शुरू करने वाले पक्ष ही इसे तुरंत रोकें।

अमेरिका-इजराइल अपनी इच्छाएं दूसरे देशों पर थोप रहे

बेंगलुरु में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था,लेकिन लगातार हमलों के कारण उसे जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल अपनी इच्छाएं दूसरे देशों पर थोपना चाहते हैं।

कैसे बाधित हुई ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता

उन्होंने दावा किया कि ओमान और जिनेवा में बातचीत के दौरान प्रगति हो रही थी, लेकिन अचानक हुए हमलों ने प्रक्रिया को बाधित कर दिया। इलाही ने आरोप लगाया कि हवाई हमलों और मिसाइल हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई, मंत्रियों, सैन्य कमांडरों और आम नागरिकों की मौत हुई।

अमेरिका ने क्यों रखा ईरान के सामने युद्धविराम का प्रस्ताव

उन्होंने कहा कि हमलों में हजारों लोग मारे गए,बड़ी संख्या में लोग घायल हुए और मकानों, अस्पतालों,विश्वविद्यालयों तथा सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। इलाही ने कहा कि ईरान ने बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को ठुकरा दिया। उनके मुताबिक, 40 दिन के संघर्ष के बाद जब विरोधी पक्ष अपने उद्देश्य पूरे नहीं कर सके,तब उन्होंने युद्धविराम का प्रस्ताव दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्षविराम वास्तविक सीजफायर नहीं है, बल्कि “न युद्ध, न शांति” जैसी स्थिति है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या बोले?

इलाही ने कहा कि 28 फरवरी तक होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात सामान्य थे और सभी देशों को इसका लाभ मिल रहा था। उन्होंने कहा कि समुद्री अस्थिरता के लिए अमेरिका और इजराइल जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू करने वालों को इसे रोकना चाहिए,तभी हालात सामान्य होंगे।

भारत-ईरान संबंधों की सराहना

इलाही ने भारत के साथ ईरान के ऐतिहासिक संबंधों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 5,000 वर्षों पुराने सांस्कृतिक,शैक्षणिक,आर्थिक और सभ्यतागत रिश्ते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी भारत और ईरान के संबंध मजबूत हैं और भविष्य में भी दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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