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मैं अपने अंतिम वर्ष समर्पित करता हूं... रतन टाटा ने किसके लिए कहा था ऐसा?

Ratan Tata Dedicate His last years: उद्योगपति रतन टाटा के निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई। रतन मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ टाटा का अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि उन्होंने अपने जीवन के अंतिम वर्ष को किसे समर्पित किया, टाटा ने खुद इस बात का जिक्र किया था।

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जब रतन टाटा ने कही थी ये बड़ी बात।

Ratan Tata: प्रसिद्ध उद्योगपति एवं परोपकारी रतन टाटा ने दुनिया को अलविदा कह दिया है, उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार शाम मध्य मुंबई स्थित एक शवदाह गृह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। मुंबई पुलिस ने उन्हें श्रद्धांजलि और गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस बीच सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वो इस बात का जिक्र करते नजर आ रहे हैं कि वो अपने अंतिम वर्ष को किसे समर्पित कर रहे हैं।

पीएम मोदी के लिए रतन टाटा ने क्या कहा?

कैंसर के खिलाफ सरकार के मिशन संबंधी एक कार्यक्रम में सम्मलित होने रतन टाटा असम के डिब्रूगढ़ में पहुंचे थे। वो मंच से लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पीएम मोदी और राज्य के सीएम हिमंत बिस्व सरमा भी मौजूद थे। टाटा ने उस वक्त नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने कई बड़े लक्ष्य प्राप्त किए हैं। आज असम दुनिया को बता सकता है कि इंडिया का एक छोटा सा राज्य कैंसर के वर्ल्ड क्लास ट्रीटमेंट के लिए कदम बढ़ाना करना चाहता है।

रतन टाटा ने अपने अंतिम वर्ष किसे समर्पित किए?

वीडियो में रतन टाटा ये कहते नजर आ रहे हैं कि 'मोदी सरकार को मैं थैंक्यू बोलता हूं कि असम को भूला नहीं, आगे बढ़ेगा और मैं आज से उम्मीद करता हूं कि ये राज्य आगे जाएगा और भारत का झंडा ऊंचा होगा और भारत का ये राज्य दिल से आगे बढ़ेगा।' उन्होंने कहा कि आई डेडीकेट माय लास्ट ईयर्स टू हेल्प मेक असम, यानी 'असम की मदद के लिए मैं अपने जीवन का अंतिम वर्ष समर्पित करता हूं'।

वर्ली स्थित शवदाह गृह में टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा समेत उनके परिवार के सदस्य और टाटा समूह के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन समेत शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे सहित अन्य लोग भी शवदाह गृह में उपस्थित थे।

शवदाह गृह में मौजूद एक धर्म गुरु ने बताया कि अंतिम संस्कार पारसी परंपरा के अनुसार किया गया। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद दिवंगत उद्योगपति के दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित बंगले में तीन दिन तक अनुष्ठान किए जाएंगे। पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा (86) का बुधवार रात शहर के एक अस्पताल में निधन हो गया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

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