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Ram Mandir Donation Row: 'सरकार, ट्रस्ट और संगठन के लिए कोई अपना-पराया नहीं', राम मंदिर दान घोटाले पर बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार

राम मंदिर दान विवाद पर RSS के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि सरकार, संगठन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए कोई भी व्यक्ति अपना या पराया नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों से मामले का राजनीतिकरण न करने की अपील की और जांच एजेंसियों पर भरोसा रखने की बात कही। वहीं, RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भी कहा कि दानपात्र से कथित चोरी ने करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत किया है।

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राम मंदिर दान घोटाले पर बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार ने दी प्रतिक्रिया। ANI

Photo : ANI

Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चंदा विवाद पर सियासी सरगर्मी तेज है। वहीं, इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके आरोपी लगातार नए-नए खुलासे किए। इस मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से कथित गबन के मामले में उन्होंने कहा है कि सरकार, संगठन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए कोई भी व्यक्ति अपना या पराया नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने जो कहा है, वही देश के करोड़ों स्वयंसेवकों और रामभक्तों की भावना है। इंद्रेश कुमार ने राजनीतिक दलों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों, सरकार और ट्रस्ट पर भरोसा रखना चाहिए तथा जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।

'दोषी कोई भी हो, उसे सख्त सजा मिले'

इससे पहले आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने राम मंदिर के दानपात्र से कथित चोरी की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे पूरे समाज और करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। होसबाले ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने ट्रस्ट से वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की भी अपील की ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।

अविनाश शुक्ला ने कबूल किए जुर्म

पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ में पता चला है कि कथित गबन को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के ब्लाइंड स्पॉट का फायदा उठाया। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की रकम को ठिकाने लगाने और आपस में बांटने के लिए कई बार गुप्त बैठकें (सीक्रेट मीटिंग्स) की गईं। पुलिस उस आसयूवी की भी जांच कर रही है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर नकदी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में किया गया था।

रिमांड में कई अहम खुलासे, और बरामदगी की उम्मीद

पुलिस का कहना है कि अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर कई स्थानों की जांच की गई है और आशंका है कि चोरी की गई नकदी के अलावा सोना-चांदी जैसी कीमती वस्तुएं भी अलग-अलग जगह छिपाई गई हैं। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं। इस बीच, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने भी जांच का दायरा बढ़ा दिया है ताकि पूरे घटनाक्रम और वित्तीय अनियमितताओं की तह तक पहुंचा जा सके।

Dr Piyush Gupta
Dr Piyush Guptaauthor

Dr Piyush Gupta - Senior Consultant, Gastroenterology, Max Hospital, Shalimar Bagh

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