Ram Mandir Donation Row: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ अब चंदे की रकम में कथित हेराफेरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस विवाद में अब संत समाज भी खुलकर सामने आ गया है। महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनके इस बयान के बाद अयोध्या से लेकर लखनऊ तक की सियासत और धार्मिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कड़े शब्दों में कहा कि चंपत राय (ram mandir chanda chori) की साख अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है और अब उनकी प्रतिष्ठा को किसी भी तरह बहाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसों की यह हेराफेरी कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह खेल प्रयागराज कुंभ के समय से ही चल रहा था। महाराज ने सीधा दावा किया कि ट्रस्ट के फंड में जितनी भी गड़बड़ियां या चोरियां हुई हैं, वे सब चंपत राय की पूरी जानकारी और उनकी देखरेख में ही अंजाम दी जा रही थीं।
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चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव को जेल जाना होगा-महामंडलेश्वर
अपने बयान में उन्होंने एक नया राजनीतिक एंगल जोड़ते हुए कहा कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि ''टिन्नू यादव' नाम के व्यक्ति ने ही समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को फोन करके इस पूरी कथित चोरी की गोपनीय जानकारी लीक की थी। महामंडलेश्वर ने साफ तौर पर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस मामले को दबाया नहीं जा सकता।
चंपत राय के साथ-साथ अनिल मिश्रा, गोपाल राव और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष (ट्रेजरर) समेत जितने भी लोग इस घपले में शामिल हैं, उन सभी को अपने कर्मों की सजा भुगतनी होगी और जेल की सलाखों के पीछे जाना ही पड़ेगा। इस बयान के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।
