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आज राज्यसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर होगी चर्चा, लोकसभा से पारित हो चुके विधेयक पर तीखी बहस की उम्मीद

नीट प्रश्नपत्र लीक की पृष्ठभूमि में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में सख्त प्रावधान शामिल करने के लिए लाए गए इस संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

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राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर होगी चर्चा।

Photo : PTI

Debate on anti paper leak Bill in Rajyasabha: एंटी-पेपर लीक बिल चर्चा के लिए गुरुवार को राज्यसभा में आएगा। उच्च सदन में इस संशोधन विधेयक पर लोकसभा की तरह तीखी बहस होने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों दलों के सांसद छात्रों को लेकर एक दूसरे को निशाना बनाते हुए तीखे हमले कर सकते हैं। बता दें कि लोकसभा ने बुधवार को 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर सदन में भारी हंगामा हुआ। भाजपा ने अपने बयान के लिए राहुल से माफी की मांग की है।

बुधवार को लोकसभा में खूब हुआ शोर-शराबा

नीट प्रश्नपत्र लीक की पृष्ठभूमि में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में सख्त प्रावधान शामिल करने के लिए लाए गए इस संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस कारण सदन की कार्यवाही पहले एक बार करीब 40 मिनट के लिए अपराह्न ढाई बजे तक और फिर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई।

तीन बजे सदन की बैठक शुरू होने पर कांग्रेस के सांसद 'एलओपी को बोलने’ दो के नारे लगाते हुए हंगामा कर रहे थे।

जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दिया

हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दिया और उनके जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी। विधेयक पारित होने के बाद कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। चर्चा का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में सरकार ने फौरन कार्रवाई की और 12 जुलाई को जांच सीबीआई को सौंप दी गई। उन्होंने कहा कि कल इस मामले में आरोपपत्र दायर कर दिया गया है और आज से सुनवाई शुरू हो गई है। सिंह ने कहा कि नए संशोधन विधेयक के प्रभाव में आने के बाद फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई के साथ इस मामले में पांच महीने में फैसला आ जाएगा। सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध कड़े प्रावधान के साथ मूल कानून 2024 में लागू किया गया था और आज प्रश्नपत्र लीक संबंधी खामियां सामने आने के बाद सरकार ने माना कि कानून को और कड़ा बनाने की जरूरत है।

'पता नहीं प्रियंका गांधी यह आंकड़ा कहां से लाईं’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा के दौरान कहा कि दिल्ली में 'मासूम बच्चों पर जुल्मोसितम ढाया गया’, जबकि सरकार ने सर्वोच्च संयम के साथ कार्रवाई की और सुनिश्चित किया कि कोई हताहत नहीं हो। उन्होंने कहा, 'शायद वह (गोगोई) अपने अनुभव से बोल रहे थे। क्योंकि असम में 1979 से 1984 तक छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई में 860 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर छात्र थे। उस समय असम में कांग्रेस की सरकार थी।’ सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने देश में पिछले कुछ साल में 152 बार प्रश्नपत्र लीक होने और इनमें 750 करोड़ बच्चों के प्रभावित होने का दावा किया। उन्होंने कहा, 'पता नहीं प्रियंका गांधी यह आंकड़ा कहां से लाईं।’

ऐसे मामलों में 52 प्राथमिकियां दर्ज -प्रियंका

सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी ने 2024 का कानून लागू होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही, जबकि ऐसे मामलों में 52 प्राथमिकियां दर्ज हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रतिबद्धता के अनुरूप यही सरकार 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई जो कांग्रेस का अधूरा काम था। लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रावधानों के अनुसार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव

इसी तरह संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।

(एजेंसी इनपुट)

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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