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राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर बढ़ा बवाल; आज चुनाव आयुक्त से मिलेगा कांग्रेस का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल

Meenakshi Natarajan Nomination Rejection: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र हलफनामे में कमियां पाए जाने के कारण रद्द कर दिया गया है। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस का एक 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मुलाकात करने जा रहा है।

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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, दिल्ली तक पहुंचा विवाद (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Meenakshi Natarajan Nomination Rejection: मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर गरमागरम बहस छिड़ गई है। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस का एक बड़ा 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर 12 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मुलाकात करने जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल में कई दिग्गज नेता शामिल

चुनाव आयोग (Congress Delegation Meet CEC) से मिलने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और दिग्गज नेता शामिल हैं। इसमें के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तंखा, मुहम्मद अली खान, उमर होडा और खुद मीनाक्षी नटराजन मौजूद रहेंगी। यह टीम चुनाव आयुक्त के सामने नामांकन रद्द किए जाने के फैसले पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगी।

क्यों रद्द हुआ नामांकन?

मंगलवार को चुनावी अधिकारियों ने मीनाक्षी नटराजन के हलफनामे (Affidavit) की जांच की थी। अधिकारियों का दावा है कि उनके हलफनामे में कुछ विसंगतियां यानी कमियां पाई गईं, जिसके आधार पर उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया।

कांग्रेस का बीजेपी पर तीखा हमला

इस फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन ने BJP पर तीखा हमला बोला है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव को प्रभावित और 'मैनिप्युलेट' करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा:

"यह सब तब शुरू हुआ जब सत्ताधारी बीजेपी ने पर्याप्त संख्या बल न होने के बावजूद अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतार दिया। इससे साफ है कि वे संविधान और लोकतंत्र को कुचलने की राजनीति कर रहे हैं।"

यह राजनीतिक द्वेष की भावना से लिया गया फैसला-जीतू पटवारी

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ अपनी पूरी ताकत से लड़ेगी। पटवारी ने चुनाव अधिकारी (जो विधानसभा सचिव भी हैं) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमारे कानूनी विशेषज्ञों ने मजबूत पक्ष रखा था, जिसे खारिज नहीं किया जा सकता था। फिर भी ऐसा किया गया, जो विशुद्ध रूप से राजनीतिक द्वेष को दर्शाता है। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की सीटों के लिए आगामी 18 जून को मतदान होना है, लेकिन इस विवाद ने चुनाव से पहले ही सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

monu jha
मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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