Rajya Sabha Election 2026: देश के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर उच्च सदन यानी राज्यसभा को लेकर हलचल तेज हो गई है। आगामी दिनों में 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटें खाली होने जा रही हैं, जिसके लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया गया है। इस बार कई दिग्गज रिटायर होने जा रहे हैं, तो वहीं कई नए दिग्गज राज्यसभा जाने की तैयारी में भी है।
विपक्ष से खरगे और दिग्विजय रेस में
इस चुनाव में कई बड़े चेहरों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के समीकरण बदलेंगे। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 11 सांसदों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। इनमें सबसे प्रमुख नाम दो केंद्रीय मंत्रियों- जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू का है। दूसरी ओर, विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है।
रवनीत बिट्टू का दोबारा जाना तय
वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा सांसद और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का दोबारा उच्च सदन में जाना लगभग तय माना जा रहा है। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी उन पर दोबारा दांव खेलने की पूरी तैयारी में है। वहीं, आंध्र प्रदेश के सियासी समीकरणों की बात करें तो वहां बीजेपी गठबंधन के तहत अपने सहयोगी दल से राज्यसभा की कम से कम एक सीट की मांग कर रही है।
रेस में कई बड़े नाम
कल ही संपन्न हुई बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में लगभग एक दर्जन संभावित नामों पर मुहर लगा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, जिन प्रमुख चेहरों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है, वे इस प्रकार हैं:
- मणिपुर: राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को राज्यसभा भेजकर दिल्ली की राजनीति में लाया जा सकता है।
- मध्य प्रदेश (MP): शिवराज सरकार में गृह मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा का नाम राज्यसभा के लिए सबसे आगे चल रहा है। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश से किसी एक आदिवासी चेहरे को मौका मिलना तय माना जा रहा है, जिसमें अरविंद भदौरिया और रंजना बघेल के नामों की गंभीर चर्चा है।
- झारखंड: राज्य से बीजेपी ने तीन संभावित उम्मीदवारों की सूची दिल्ली आलाकमान को भेजी है। हालांकि, झारखंड में समीकरण थोड़े पेचीदा हैं; बीजेपी को अपने एक सांसद को सुरक्षित दिल्ली भेजने के लिए अतिरिक्त 4 विधायकों के समर्थन का इंतजाम करना होगा। फिलहाल यहां से पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और आशा लाकड़ा का नाम रेस में सबसे आगे है।
किस राज्य में कितनी सीटें हो रही हैं खाली?
इस बार के चुनावी समीकरण में दक्षिण से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर भारत तक की सीटें शामिल हैं। राज्यों के अनुसार खाली होने वाली सीटों का गणित कुछ इस प्रकार है:
| क्र.सं. | राज्य का नाम | खाली सीटें |
| 1 | आंध्र प्रदेश | 4 |
| 2 | गुजरात | 4 |
| 3 | कर्नाटक | 4 |
| 4 | मध्य प्रदेश | 3 |
| 5 | राजस्थान | 3 |
| 6 | झारखंड | 2 |
| 7 | मणिपुर | 1 |
| 8 | मेघालय | 1 |
| 9 | मिजोरम | 1 |
| 10 | अरुणाचल प्रदेश | 1 |
8 जून को तस्वीर हो जाएगी साफ
8 जून को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष किस रणनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों पर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है, जबकि 18 जून को मतदान होगा, इसी दिन परिणाम भी आ जाएगा।
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