Debate on Constitution Day: राज्यसभा में संविधान दिवस पर 12 घंटे चर्चा होगी और सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों को अपनी बात रखने के लिए छह-छह घंटे का समय मिलेगा। मंगलवार को उच्च सदन की कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में इस बारे में निर्णय हुआ। साथ ही यह भी कहा गया कि प्रत्येक पार्टी के संख्याबल के आधार पर समय का बंटवारा किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक चर्चा के लिए भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष दोनों को छह-छह घंटे का समय मिलेगा।
26 नवंबर, 1949 को संविधान अंगीकार किया गया
संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1949 को भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया। इस साल संविधान के अंगीकार होने के 75 साल पूरे हुए हैं। भारत का संविधान को बनाने में दो वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लगा। जिसके बाद भारत गणराज्य का संविधान 26 जनवरी 1949 को बनकर तैयार हो गया, लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। इस दिन हम हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।
लोकसभा में चर्चा का जवाब दे सकते हैं पीएम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को लोकसभा में संविधान पर दो-दिवसीय चर्चा का जवाब दे सकते हैं। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संविधान पर चर्चा शुरू कर सकते हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने संविधान सभा द्वारा संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा की मांग की थी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस पर सहमति बनने के बाद संसद का गतिरोध टूटा था।
राज्यसभा में गृह मंत्री करेंगे चर्चा की शुरुआत
सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं और मोदी मंगलवार को इसका जवाब देंगे।
लोकसभा में 13-14 दिसंबर और राज्यसभा में 16-17 दिसंबर को संविधान पर चर्चा के लिए भाजपा-नीत राजग सरकार ने सहमति जताई है।
