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नेवी की ताकत और बढ़ी, बेड़े में शामिल स्वदेशी युद्धपोत INS तारागिरी, राजनाथ बोले-ऊर्जा सुरक्षा होगी मजबूत

प्रोजेक्ट 17ए के तहत चौथा प्लेटफॉर्म, तारागिरी, मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित 6,670 टन का युद्धपोत है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रदर्शन करता है।

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फ्रिगेट तारागिरी स्वदेशी तकनीक से बना है।

Photo : ANI

INS Taragiri: समुद्री सीमा की रक्षा करने के लिए देश को एक नया स्टील्थ फ्रिगेट मिल गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 3 अप्रैल को स्वदेशी रूप से निर्मित स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी को नौसेना में शामिल किया। नौसेना डॉकयार्ड में वरिष्ठ नौसेना अधिकारियों, ध्वज अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में तारागिरी की कमीशनिंग हुई। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वदेश निर्मित उन्नत युद्धपोत तारागिरी को शुक्रवार को नौसेना के बेड़े में शामिल किया। एक मजबूत और सक्षम नौसेना कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा समुद्र पर निर्भर करती है।

पूर्वी नौसेना कमान (ENS) द्वारा गुरुवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, तारागिरी का उद्घाटन राजनाथ सिंह द्वारा 3 अप्रैल को किया जाएगा और यह रक्षा विनिर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का गौरवपूर्ण प्रतीक है और हमारी स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं की ताकत को दर्शाता है। वहीं, राजनाथ ने इसे लेकर ट्वीट किया है।

6,670 टन का युद्धपोत, क्या-क्या खासियतें?

प्रोजेक्ट 17ए के तहत चौथा प्लेटफॉर्म, तारागिरी, मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित 6,670 टन का युद्धपोत है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रदर्शन करता है। युद्धपोत में एक सुव्यवस्थित संरचना है और रडार क्रॉस-सेक्शन काफी कम है, जिससे यह जटिल समुद्री वातावरण में गुप्त संचालन और बेहतर उत्तरजीविता प्रदान करता है।

75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ, यह जहाज भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) शामिल हैं और हजारों रोजगार पैदा करते हैं। तारागिरी एक संयुक्त डीजल या गैस (CODOG) प्रणोदन प्रणाली द्वारा संचालित है, जो विभिन्न नौसैनिक अभियानों के लिए उच्च गति और उच्च सहनशक्ति क्षमता प्रदान करती है।

मिसाइलों और पनडुब्बी रोधी युद्धक उपकरण

फ्रिगेट उन्नत हथियार प्रणालियों से सुसज्जित है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एक विशेष पनडुब्बी रोधी युद्धक उपकरण शामिल हैं। ये प्रणालियाँ एक आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से एकीकृत हैं, जो उभरते खतरों के प्रति त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाती हैं।

युद्ध भूमिकाओं के अलावा, तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के लिए भी डिज़ाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी परिचालन बहुमुखी प्रतिभा बढ़ जाती है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस स्थापना से भारतीय नौसेना की युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर बल के रूप में विकसित होने और राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता रेखांकित होती है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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