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पाकिस्तान को राजनाथ सिंह की दो टूक- PoK भारत का हिस्सा है, था और रहेगा, दावा करने से कुछ हासिल नहीं होगा

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jun 26, 2023, 04:32 PM IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने जम्मू-कश्मीर पर विशेष ध्यान देने के साथ देश के रक्षा तंत्र के आंतरिक और बाहरी आयामों पर जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित एक सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत का हिस्सा है, था और रहेगा।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर जोरदार हमला किया।

जम्मू (जम्मू और कश्मीर): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार को जम्मू में कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पीओके पर बार-बार दावा करके पाकिस्तान सरकार को कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान ने पीओके (Pakistan Occupied Kashmir) पर अवैध कब्जा कर रखा है। इस पर पाकिस्तान का अधिकार नहीं बनता। सिंह ने कहा कि भारत की संसद में पीओके को लेकर एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया है कि यह भारत का ही हिस्सा है। इस आशय के एक नहीं बल्कि कम से कम तीन प्रस्ताव संसद में पारित हो चुके हैं। रक्षा मंत्री जम्मू-कश्मीर पर विशेष ध्यान देने के साथ देश के रक्षा तंत्र के आंतरिक और बाहरी आयामों पर जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित एक सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

भारत में शामिल होना चाहते हैं पीओके के लोग

राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में है। पीओके के लोग देख रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में शांति से अपना जीवन जी रहे हैं। पीओके में रहने वाले लोगों को बहुत पीड़ा से गुजरना पड़ रहा है और वे भारत के साथ जाने की मांग उठाएंगे। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी ने अनुच्छेद को निरस्त कर दिया और जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ न्याय किया, जिनके साथ दशकों से अन्याय हो रहा था। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण जम्मू-कश्मीर के आम लोगों को लंबे समय तक देश की मुख्यधारा से दूर रखा गया। यह किसी भी राष्ट्र विरोधी ताकत के खिलाफ कार्रवाई करने में बाधा थी।

अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से आम जनता खुश है

उन्होंने आगे कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के फैसले से आम जनता खुश है। सिंह ने कहा कि परेशानी केवल उन लोगों के लिए है जिनकी नफरत और अलगाववाद की दुकान बंद हो रही है। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद की फंडिंग रोकने में कामयाब रहे हैं, हथियारों और नशीली दवाओं की आपूर्ति रोक दी है और आतंकवादियों के खात्मे के साथ-साथ यहां काम करने वाले भूमिगत कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को भी खत्म करने का काम चल रहा है।

दुनिया के ज्यादातर बड़े देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ जारी संयुक्त बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका समेत पूरी दुनिया की मानसिकता बदल दी है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को राजकीय नीति के तौर पर इस्तेमाल करने वाले देशों को यह अच्छी तरह से समझ लेना होगा कि यह खेल ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है, आज दुनिया के ज्यादातर बड़े देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं।

चीन के साथ मतभेद के बावजूद कुछ समझौते हुए

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि चीन के साथ धारणाओं में मतभेद के बावजूद, कुछ समझौते और प्रोटोकॉल हैं जिनका पालन करते हुए दोनों देशों की सेनाएं सीमाओं पर गश्त करती हैं। उन्होंने कहा कि हमारा दूसरा पड़ोसी देश चीन है। चीन के साथ भी कई बार कुछ मुद्दों पर मतभेद होते रहते हैं। ये सच है कि चीन के साथ सीमा को लेकर लंबे समय से मतभेद है। इसके बावजूद कुछ समझौते और प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है जो दोनों देशों की सेनाएं सीमाओं पर गश्त करती हैं। ये समझौते नरसिम्हराव जी, अटल जी के समय और डॉ मनमोहन सिंह जी के समय दोनों देशों की सहमति के आधार पर किए गए थे।

चीनी सेना ने सहमत प्रोटोकॉल की अनदेखी की

उन्होंने यह भी कहा कि 2020 में पूर्वी लद्दाख में विवाद इसलिए पैदा हुआ क्योंकि चीनी सेना ने सहमत प्रोटोकॉल की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि साल 2020 में पूर्वी लद्दाख में पैदा हुए विवाद का कारण यह था कि चीनी सेना ने सहमत प्रोटोकॉल की अनदेखी की। चीनी सेना पीएलए ने एकतरफा तरीके से एलएसी पर कुछ बदलाव करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सैनिकों ने विफल कर दिया।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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