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Rajasthan political crisis: सचिन पायलट मानने को तैयार नहीं, पशोपेश में कांग्रेस नेतृत्व

  • Authored by: रंजीता झाEdited by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 15, 2023, 03:41 PM IST

Rajasthan political crisis: राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत पर उतरे सचिन पायलट पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पशोपेश में है। पायलट को मनाने की कोशिश जारी है। उन्हें केंद्र में बड़े पद का ऑफर दिया जा रहा है लेकिन वह राजस्थान छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

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सचिन पायलट को कांग्रेस नेतृत्व मनाने में लगी है!

Photo : Twitter

Rajasthan political crisis: सचिन पायलट को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पशोपेश में है। इसी संदर्भ में आचार्य प्रमोद कृष्णम सचिन पायलट से दिल्ली में उनके घर पर मुलाकात की। इस मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा भी सक्रिय हुई है। रंधावा के बड़बोले बयानों के बाद केसी वेणुगोपाल और राजस्थान के इंचार्ज सुखजिंदर रंधावा भी राहुल गांधी से मिले थे।

पहले ही सचिन पायलट के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान कर चुके रंधावा राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष से मिलने के बाद अब बदले-बदले अंदाज में नजर आ रहे हैं। अब वह कह रहे हैं कि मामला लंबा खींचने वाला है। गौरतलब है कि इससे पहले अजय माकन राजस्थान में हुई बगावत के खिलाफ कोई कर्रवाई ना होने के चलते ही राजस्थान इंचार्ज के पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

पायलट के अनशन के बाद राजस्थान में पैदा हुई सियासी संकट की स्थिति के मद्देनजर कमलनाथ को सचिन पायलट से बात करने के लिए कहा गया था। सचिन पायलट के सामने पार्टी ने यह ऑफर रखा है कि उनको कांग्रेस की कार्यसमिति और स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल किया जाएगा। यही नहीं पार्टी ने उनको कोई अच्छा रोल दिल्ली में दिया जाएगा।

गौरतलब है कि पार्टी की नई कांग्रेस वर्किंग कमेटी बनी है। इसके अलावा उनको राजस्थान के टिकट वितरण में भी अहम भूमिका दी जाएगी। लेकिन सचिन पायलट ने साफ कर दिया की राजस्थान को छोड़कर दिल्ली आने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

ऐसे में अभी पायलट और गहलोत के बीच मची तनातनी का कोई समाधान नहीं निकला है और इसी के मद्देनजर प्रमोद कृष्णम की मुलाकात सचिन पायलट से अहम हो जाती है। कमलनाथ और केसी वेणुगोपाल से बैठक में वहीं सचिन पायलट ने राजस्थान के इंचार्ज सुखजिंदर रंधावा के कड़क बयान को लेकर आपत्ति जताई।

सूत्रों के मुताबिक अनशन से पहले रंधावा ने पायलट के खिलाफ एक्शन लेने के बात कही थी। बल्कि उनका अनशन भ्रष्टचार के खिलाफ है और उन्होंने पार्टी के खिलाफ अनशन में भी कोई बयान नहीं दिया।

रंजीता झा
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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