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जैसलमेर: सोनार किले के पास अवैध खुदाई से ढही जैन ट्रस्ट की 250 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत, बाल-बाल बचे 10 मजदूर

Sonar Fort Heritage Disaster Rajasthan: मलबे और चूने को गिरता देख खुदाई स्थल पर काम कर रहे 10 से अधिक मजदूरों ने समय रहते भागकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया।

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जैसलमेर: सोनार किले के पास अवैध खुदाई से ढही जैन ट्रस्ट की 250 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत, बाल-बाल बचे 10 मजदूर (ANI)

Jaisalmer Jain Trust Property Collapses: राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जैसलमेर के राखेचा पाड़ा इलाके में मंगलवार को एक बड़ा धरोहर हादसा (Heritage Disaster) हो गया। यहां यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल 'सोनार किला' और प्रसिद्ध 'पटवा हवेली' के प्रतिबंधित 300 मीटर के दायरे में स्थित जैन समाज ट्रस्ट की करीब 250 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक इमारत 'उपासरा' ताश के पत्तों की तरह ढह गई। यह हादसा पास के ही एक प्लॉट पर की जा रही 15 फीट गहरी अवैध बेसमेंट की खुदाई के कारण हुआ, जिसने इस प्राचीन इमारत की नींव को पूरी तरह कमजोर कर दिया था।

गनीमत रही कि मलबे और चूने को गिरता देख खुदाई स्थल पर काम कर रहे 10 से अधिक मजदूरों ने समय रहते भागकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया।

प्रशासन और ASI के आदेशों की उड़ाई गईं धज्जियां

जैसलमेर नगर परिषद के आयुक्त लाजपाल सिंह सोधा ने इस गंभीर लापरवाही का खुलासा करते हुए बताया कि एक मुंबई निवासी व्यवसायी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर यह अवैध भूमिगत निर्माण कराया जा रहा था। उन्होंने कहा, 'नगर परिषद और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) दोनों ने ही भूखंड स्वामी को काम रोकने के लिए आधिकारिक 'स्टॉप-वर्क' नोटिस जारी किए थे। लेकिन इन स्पष्ट निर्देशों की सरेआम अनदेखी की गई और अवैध खुदाई जारी रखी गई, जिसके कारण आखिरकार यह ऐतिहासिक इमारत जमींदोज हो गई।'

धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

स्थानीय निवासी हर्ष जैन के अनुसार, हालांकि इस पुरानी इमारत का वर्तमान में एक व्यावसायिक गोदाम के रूप में अस्थाई इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन जैन समुदाय के लिए इसका गहरा धार्मिक महत्व था। यह ऐतिहासिक 'उपासरा' वही स्थान था जहां प्राचीन समय में जैन संत और मुनि अपने 'चातुर्मास' प्रवास के दौरान ठहरते थे और धार्मिक प्रवचन दिया करते थे।

इलाका सील, पड़ोसियों को सुरक्षित निकाला गया

घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और कोतवाली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। कोतवाली थाना प्रभारी सुरजाराम जाखड़ ने बताया कि सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए पूरी गली को बैरिकेडिंग करके आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। अवैध निर्माण वाली साइट को सील कर दिया गया है, साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर पड़ोस में रहने वाले नमन भाटिया और मांगीलाल जैन के परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।

वहीं, नगर परिषद ने जैन ट्रस्ट को प्रशासनिक देखरेख में मलबे को हटाने और इमारत के बचे हुए खतरनाक हिस्सों को सुरक्षित रूप से हटाने का नोटिस जारी किया है। वहीं, एएसआई (ASI) इस संरक्षित हेरिटेज जोन में अवैध निर्माण करने और धरोहर को नुकसान पहुंचाने वाले दोषी व्यवसायी के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर रहा है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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