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इन 10 ट्रेनों के किराए में होगी बड़ी कटौती, जानें कितनी और वजह क्या है?

Big Relief for Rail Passengers: भारतीय रेलवे बोर्ड ने संसदीय समिति की आपत्ति के बाद 10 ट्रेनों से सुपरफास्ट दर्जा हटाने का फैसला किया है, जिससे यात्रियों को किराए में अधिकतम 12 फीसद तक राहत मिल सकती है। अब इन ट्रेनों में सुपरफास्ट सरचार्ज नहीं लगेगा। इससे लंबी दूरी के यात्रियों को सीधा फायदा होगा।

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10 ट्रेनों के टिकट में होगी कटौती

Big Relief for Rail Passengers: भारतीय रेलवे भारत की लाइफलाइन है। भारत जैसे बड़े देश को एक सूत्र में पिरोने में रेलवे की बड़ी भूमिका है। रेल यात्रा न सिर्फ रफ्तार, बल्कि किराए के मामले में भी आम भारतीय की जेब के लिए आसान होती है। आपने अक्सर किराया बढ़ने की खबरें पढ़ी और सुनी होंगी। लेकिन हम आपके लिए ये खुशखबरी लेकर आए हैं कि 10 ट्रेनों के किराए में 12 फीसद तक की कटौती हो सकती है। आखिर ऐसा क्यों होगा और इससे आपकी यात्रा की क्वालिटी पर क्या असर पड़ेगा चलिए जानते हैं।

रेलवे बोर्ड ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसके बाद ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को किराए में बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब इन 10 ट्रेनों के अधिकतम किराए में 12 फीसद तक की कटौती की जा सकती है। इस फैसले से देश के लाखों यात्रियों को सीधा फायदा होगा और उनकी ट्रेन यात्रा और भी किफायती हो जाएगी।

क्यों कम होगा किराया?

दरअसल संसदीय समिति की आपत्ति के बाद रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत रेलवे बोर्ड ने 10 ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा हटा दिया है। सुपरफास्ट का दर्जा हटते ही यात्रियों से सुपरफास्ट सरचार्ज के तौर पर जो शुल्क वसूला जा रहा था, वह अब नहीं लिया जाएगा। इस तरह यात्रियों को इस कटौती का सीधा लाभ मिलेगा।

क्या है सुपरफास्ट की औसत स्पीड

रेलवे अधिकारियों के अनुसार सुपरफास्ट का दर्जा पाने के लिए ट्रेनों की औसत रफ्तार कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होना जरूरी है। जांच में पाया गया कि ये ट्रेनें निर्धारित मानक पर खरी नहीं उतर रही थीं। इसके बावजूद यात्रियों से सुपरफास्ट सरचार्ज वसूला जा रहा था। संसद की लोक लेखा समिति ने इस सरचार्ज वसूली पर सवाल उठाए थे। इसके बाद रेलवे ने समीक्षा कर इन ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा हटाने का फैसला किया है।

किन ट्रेनों में कम होगा किराया

जिन ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा हटाया गया है, उनके नाम यहां लिस्ट में दिए जा रहे हैं -

  • विभूति एक्सप्रेस : हावड़ा - प्रयागराज-रामबाग
  • विभूति एक्सप्रेस : प्रयागराज - रामबाग-हावड़ा
  • नेताजी एक्सप्रेस : हावड़ा - कालका
  • नेताजी एक्सप्रेस : कालका - हावड़ा
  • उपासना एक्सप्रेस : हावड़ा - देहरादून
  • उपासना एक्सप्रेस : देहरादून - हावड़ा
  • कुम्भ एक्सप्रेस : हावड़ा - देहरादून
  • कुम्भ एक्सप्रेस : देहरादून - हावड़ा
  • हिमगिरि एक्सप्रेस : हावड़ा - जम्मू तवी
  • हिमगिरि एक्सप्रेस : जम्मू तवी - हावड़ा

900 सुपरफास्ट ट्रेनों की हो रही जांच

बता दें कि रेलवे बोर्ड साल 2026 के टाइम टेबल में लगभग 900 ट्रेनों के सुपरफास्ट मानक की समीक्षा कर रहा है। ऐसे में जहां ट्रेनें तय औसत गति हासिल नहीं कर पा रही हैं, वहां से उनका सुपरफास्ट स्टेटस हटाए जाने की जरूरत है। ऐसा होने से यात्रियों को अनावश्यक रूप से ज्यादा किराया नहीं चुकाना होगा।

संसद की लोक लेखा समिति ने संसद में पेश रिपोर्ट में रेलवे पर बिना मानक गति के यात्रियों से सुपरफास्ट सरचार्ज वसूलने का आरोप लगाया था। अब जब रेलवे बोर्ड समीक्षा कर रहा है तो इस फैसले से खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिल सकती है।

इन ट्रेनों के किराए में 12 फीसद तक की कमी का असर स्लीपर, एसी और अन्य श्रेणियों में भी दिखाई देगा। रेलवे के इस निर्णय को आम यात्रियों के हित में बड़ा सुधार माना जा सकता है। उम्मीद है कि आने वाले समय में अन्य ट्रेनों के किराए और दर्जे में भी बदलाव देखने को मिले, जिससे यात्रियों को और राहत मिलने की उम्मीद है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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