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ऐसी दिखती है भारत की पहली बुलेट ट्रेन, रेलमंत्री ने दिखाई फैक्ट्री के अंदर की झलक, मेकिंग का VIDEO

Bullet Train: रेल मंत्री ने बेंगलुरु स्थित BEML फैक्ट्री का दौरा किया, जहां देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन बनाई जा रही है। यह ट्रेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन के तहत तैयार हो रही है।

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बुलेट ट्रेन की पहली झलक (फोटो साभार- ANI/AI)

Bullet Train: भारत की पहली बुलेट ट्रेन का सपना अब हकीकत बनता दिख रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु में भारत की पहली बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और उसकी मेकिंग का वीडियो साझा किया। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "Turn up the Volume! भारत की बुलेट ट्रेन आकार ले रही है।"

भारत की पहली बुलेट ट्रेन की झलक आई सामने

रेल मंत्री ने बेंगलुरु स्थित BEML फैक्ट्री का दौरा किया, जहां देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन बनाई जा रही है। यह ट्रेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन के तहत तैयार हो रही है। रेल मंत्री के मुताबिक, बुलेट ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम बनकर तैयार हो चुका है और उसे स्क्वीज टेस्ट यानी दबाव परीक्षण के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अगले साल मई या जून तक भारत की अपनी बुलेट ट्रेन टेस्टिंग के लिए पटरियों पर आ जाएगी।

रेलमंत्री ने शेयर किया मेकिंग का वीडियो

बेंगलुरु में 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2 से 4 महीने की टेस्टिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देश की पहली बुलेट ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद सफर का समय काफी कम हो जाएगा। एक बार सेवा शुरू होने पर यात्री वडोदरा से मुंबई तक का सफर सिर्फ 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे में पूरा कर सकेंगे। अभी इस रूट पर ट्रेन से 6 से 7 घंटे लगते हैं।

अगले साल शुरू होगा पहला सेक्शन

सरकार का लक्ष्य है कि सूरत और बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन के पहले सेक्शन को अगले साल शुरू कर दिया जाए। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर देश का सबसे बड़ा हाई-स्पीड प्रोजेक्ट है। इस पर काम तय समय से भी तेज गति से चल रहा है। यह कॉरिडोर 508 किलोमीटर लंबा है और इसमें 12 स्टेशन होंगे। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ दो बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

जापान की शिंकानसेन तकनीक का इस्तेमाल

रेल मंत्रालय के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में जापान की शिंकानसेन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन अब भारत में ही ट्रेन के कोच और बॉडी का निर्माण शुरू हो गया है, जो मेक इन इंडिया की दिशा में बड़ा कदम है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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