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Maharashtra: राहुल गांधी ने परभणी का किया दौरा, न्यायिक हिरासत में मारे गए व्यक्ति के परिवार से की मुलाकात

Rahul Gandhi visit Parbhani: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का सोमवार को महाराष्ट्र के परभणी शहर का दौरा किया। राहुल गांधी ने इस महीने की शुरुआत में वहां हुई हिंसा में मारे गए दो लोगों के परिवारों से मुलाकात की। राहुल गांधी, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और अन्य कांग्रेस नेताओं ने महाराष्ट्र के हिंसा प्रभावित परभणी का दौरा किया और मृतकों में से एक को श्रद्धांजलि दी।

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राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के परभणी का किया दौरा।

Maharashtra: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को महाराष्ट्र के परभणी शहर का दौरा किया और इस महीने की शुरुआत में वहां हुई हिंसा में मारे गए दो लोगों के परिवारों से मुलाकात की। आरोप लगाए गए हैं कि सूर्यवंशी की पुलिस हिरासत में हत्या की गई। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने हाल में राज्य विधानसभा में कहा कि सूर्यवंशी ने मजिस्ट्रेट को बताया था कि उन्हें प्रताड़ित नहीं किया गया और सीसीटीवी फुटेज में भी क्रूरता का कोई सबूत नहीं दिखा। फडणवीस पहले ही परभणी हिंसा की न्यायिक जांच की घोषणा कर चुके हैं।

राहुल गांधी ने हिंसा प्रभावित परभणी का किया दौरा

लोकसभा के नेता राहुल गांधी, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और अन्य कांग्रेस नेताओं ने महाराष्ट्र के हिंसा प्रभावित परभणी का दौरा किया और मृतकों में से एक को श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के परभणी में कहा कि सोमनाथ सूर्यवंशी की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह दलित थे और संविधान की रक्षा कर रहे थे। सूर्यवंशी परिवार से मुलाकात के बाद राहुल ने कहा कि सोमनाथ सूर्यवंशी को पुलिस ने मार डाला, यह हिरासत में मौत का मामला है।

राहुल गांधी ने सीएम फडणवीस पर लगाया आरोप

हिंसा प्रभावित परभणी का दौरा करने के बाद, लोकसभा के नेता राहुल गांधी ने कहा, "मैंने परिवार और उन लोगों से मुलाकात की है जिन्हें मारा गया है और पीटा गया है। उन्होंने मुझे पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो, तस्वीरें दिखाईं। यह 100% हिरासत में मौत है। उसकी हत्या की गई है और मुख्यमंत्री ने पुलिस को संदेश देने के लिए विधानसभा में झूठ बोला। इस युवक की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह दलित था और संविधान की रक्षा कर रहा था। आरएसएस की विचारधारा संविधान को नष्ट करना है। हम चाहते हैं कि इस मामले का तुरंत समाधान हो और जिन्होंने ऐसा किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए। कोई राजनीति नहीं हो रही है... विचारधारा जिम्मेदार है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने यह बयान दिया है इसलिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं, जिन्होंने उनकी हत्या की है वे जिम्मेदार हैं और जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।"

मराठवाड़ा क्षेत्र में स्थित परभणी शहर के रेलवे स्टेशन के बाहर 10 दिसंबर की शाम को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान की प्रतिकृति को क्षतिग्रस्त किये जाने के बाद हिंसा भड़क उठी थी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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