तमिलनाडु में मतदान में अब सिर्फ दो दिन का समय बचा है। उससे पहले प्रचार कार्य तेज हो गया है। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को जमकर घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के अल्पसंख्यकों को डराया-धमकाया और मणिपुर राज्य को आग में झोंक’ दिया।
भाजपा अल्पसंख्यकों को डराने-धमकाने की राजनीति कर रही
तमिलनाडु में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा अल्पसंख्यकों को डराने-धमकाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईसाई, मुस्लिम और सिख समुदाय के लोग आज भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। राहुल ने कहा कि कांग्रेस एकजुट और सामंजस्यपूर्ण भारत में विश्वास रखती है, जहां सभी को बराबरी और सम्मान मिले। उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह यात्रा देश को जोड़ने और नफरत के खिलाफ संदेश देने के लिए निकाली गई थी। राहुल ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की सोच इसके विपरीत है, जो पूरे देश को एक विचारधारा के तहत चलाना चाहती है।
भाजपा के लोग चाहते हैं सभी RSS के अधीन होकर काम करें
राहुल ने कहा कि हमारा मानना है कि प्रत्येक राज्य को अपना शासन स्वयं चलाना चाहिए और वे (भाजपा के लोग) कहते हैं कि सभी राज्यों को आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) नामक एक राजनीतिक संगठन के अधीन होना चाहिए। अब, इस चुनाव में वे तमिलनाडु में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं। अन्नाद्रमुक की एक महान ऐतिहासिक परंपरा रही है। अतीत में अन्नाद्रमुक में ऐसे महान नेता थे जिन्होंने तमिलनाडु की अवधारणा की रक्षा की। लेकिन आज की अन्नाद्रमुक वह पुरानी पार्टी नहीं रही। आज यह खोखली हो गई है क्योंकि इसके नेताओं ने समझौता कर लिया है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भाजपा सीधे तौर पर अपनी मंशा जाहिर नहीं करती, बल्कि क्षेत्रीय पार्टियों के जरिए राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपरा पर हमला करती है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि इस चुनाव में भाजपा-आरएसएस को तमिलनाडु में प्रवेश करने से रोकना जरूरी है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने घेरा
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा। राहुल ने 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) का जिक्र करते हुए कहा कि उसका उद्देश्य भारत के चुनावी मानचित्र को बदलना नहीं था। उन्होंने याद दिलाया कि उस विधेयक को पारित करते समय भाजपा ने कहा था कि इसे 10 वर्षों में लागू किया जाएगा और कांग्रेस ने तब इसे तुरंत लागू किये जाने पर जोर दिया था। हम वही बात फिर से दोहराते हैं, अगर भाजपा महिला आरक्षण चाहती है, तो 2023 के अधिनियम को अभी लागू करे और पूरा विपक्ष आपका समर्थन करेगा।
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने दोहराया कि कांग्रेस देश में नफरत और हिंसा की राजनीति को फैलने नहीं देगी और एक ऐसे भारत के लिए काम करती रहेगी, जहां समानता, न्याय और भाईचारा कायम रहे।
