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राहुल गांधी ने एक बार फिर आरक्षण की 50% लिमिट हटाने की बात कही, महाराष्ट्र के कोल्हापुर की सभा में किए तीखे सवाल

Rahul Gandhi on Reservation:महाराष्ट्र के कोल्हापुर में अपनी दूसरी सभा राहुल गांधी ने एक बार फिर आरक्षण की 50% limitation हटाने की बात कही है।

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राहुल गांधी ने एक बार फिर आरक्षण की 50 फीसदी लिमिट हटाने की बात कही

Photo : Twitter

Rahul Gandhi on Reservation: राहुल गांधी का कोल्हापुर में बड़ा ऐलान हमारी सरकार आयी तो 50 फीसदी आरक्षण की सीमा हटा दी जाएगी और जातिगत जनगणना कराई जाएगी कहा कि सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण कराया जाएगा बोले हम सिर्फ बात नहीं करते, जो कहते हैं वो करते हैं, कोल्हापुर में संविधान सम्मान सम्मेलन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की घोषणा।

राहुल गांधी बोले कांग्रेस लोकसभा और राज्यसभा में आरक्षण का 50 % का बैरियर तोड़ देंगे, जातीय जनगणना कराएंगे, हम सिर्फ कास्ट सेंसेस की बात नहीं करते , किसकी कितने आबादी और कितना पकड़ हैं आर्थिक तौर पर सोशल इकोनॉमिक सर्वे भी कराएँगे हिंदुस्तान के आईएएस कहां कहां बैठे हैं और दलित पिछड़े कहां बैठे हैं इसका सर्वे कराएंगे इसको कोई शक्ति नहीं रोक सकती हैं पास होगा और कानून बनेगा पहले नरेंद्र मोदी कहते थे 400 पार उसके बाद हिंदुस्तान की जनता ने कहा कि इसको छुआ तो अच्छा नहीं होगा उसके बाद मोदी जी को संविधान को सर झुकाना पड़ा।

राहुल ने कहा संविधान की रक्षा के 2 तरीके हैं जातीय जनगणना और 50 प्रतिशत आरक्षण की दीवार को तोड़ना, जिसके हाथ मे स्किल है, काबिलियत है, अनुभव है। चाहे उन्हें नाई कहे, मोची कहे, वर्कर कहे। जिनके हाथ में हुनर है, उनके बारे में बात ही नही होती। अपने शिक्षा व्यवस्था में उनके बारे में नहीं पढ़ाया जाता। मैंने खुद स्कूल में दलितों के इतिहास के बारे में नहीं पढ़ा। और जो बचा-खुचा इतिहास है दलितों का और जिनके हाथ मे हुनर है, अपने शिक्षा व्यवस्था में उसे भी मिटाने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी बोले हमारे शिक्षा व्यवस्था में किसका कब्ज़ा हैं?

राहुल गांधी बोले हमारे शिक्षा व्यवस्था में किसका कब्ज़ा हैं। पूरी तरह से निजीकरण किया जा रहा है। आपने इन्हें दबा दिया, इनके इतिहास को दबा दिया, एजुकेशन में एंट्री नही दी जाती और कहते है कि हम सुपर पावर बनेंगे। इनके बगैर देश सुपर पावर नहीं बन सकता। केवल 5 फीसदी लोग देश चला रहे है। अडानी चाहे जो उद्योग शुरू करना चाहे शुरू कर सकते है, अम्बानी शुरू कर सकते है, लेकिन दलित नहीं कर सकते।

देश के 250 उद्योगपति के नाम निकाले, और बताए इनमें से दलित कितने है। यहां तक का मैनेजमेंट लिस्ट में भी दिखाइए। राहुल गांधी बोले मीडिया की भी लिस्ट निकालिए, इसमें भी एक भी दलित नही मिलेगा। हाई कोर्ट देख लीजिए, ज्यूडिशियल व्यवस्था देख लीजिए, इंटीलिजेन्स एजेंसी देख लीजिए आपको दलित नहीं मिलेगा।

'इस देश मे 90 फीसदी दलित है, लेकिन 90 फीसदी लोगों के लिए दरवाज़े बंद है'

राहुल गांधी बोले इस देश मे 90 फीसदी दलित है, लेकिन 90 फीसदी लोगों के लिए दरवाज़े बंद है। अग्निवीर नाम अच्छा है, लेकिन इस स्कीम ने जवान से उसकी पेंशन छीन ली। इज़्ज़त छीन ली, शहीद का दर्जा छीन लिया। कोई अग्निवीर बनना नहीं चाहता। दो तरह का जवान बना दिया। एक को सब मिल रहा है, दूसरे को कुछ नहीं।

' धीरे धीरे सब निजीकरण हो रहा है'

राहुल गांधी बोले धीरे धीरे सब निजीकरण हो रहा है। इसे निजीकरण नही इसे डी रिज़र्वेशन कहना चाहिए। और सालों से बीजेपी और आर एस एस ऐसा कर रही है। संविधान को बचाना है तो मेरे हिसाब से आरक्षण की 50 फीसदी वाली दीवार को तोड़ना चाहिए।

'यह जो दीवार है 50 फीसदी की उसे कांग्रेस पार्टी लोक सभा और राज्य सभा में बदलेगी'

यह जो दीवार है 50 फीसदी की उसे कांग्रेस पार्टी लोक सभा और राज्य सभा में बदलेगी। दूसरा कदम, जाति जनगणना। यह पता लगाना है कि इस देश मे पिछड़े वर्ग के लोग कितने है। इस देश मे लीगली कोई नहीं जानता कि पिछड़े लोग कितने है। जैसे में जाति जनगणना करना चाहता हूं बीजेपी आरएसएस को दिक्कत आ जाती है। अरे एक्स रे कराने में क्या दिक्कत है। लेकिन यह चाहते नहीं कि लोगों को पता चले कि देश कौन चला रहा है। 90 फीसदी लोगों से यह सच्चाई छुपाना चाहते है। लेकिन बीजेपी आरएसएस कुछ भी कर ले लेकिन जाति जनगणना के बिल हम दोनों सदन में पास करवाएंगे।

हिंदुस्तान की जनता ने मोदी जी को झुकाया और संविधान को सर पर लगाना पड़ा। संविधान की रक्षा करने के लिए दो बड़े कदम है, पहला 50 फीसदी की आरक्षण की दीवार तोड़ना और जाति जनगणना, देश को मज़बूत करना है तो 90 फीसदी को शामिल करना है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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