लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा से महिला आरक्षण (Women Reservation) से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक (Constitutional Amendment Bill) पारित नहीं होने के बाद शुक्रवार को कहा कि यह संविधान पर आक्रमण था, जिसे विपक्ष ने नाकाम कर दिया। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला आरक्षण लागू करना चाहते हैं तो 2023 में पारित कानून को लागू करें जिसमें विपक्ष पूरा सहयोग देगा।
कांग्रेस नेता ने कहा, 'यह महिला (आरक्षण) विधेयक नहीं था, ये हिंदुस्तान के राजनीतिक और चुनावी ढांचे को बदलने की कोशिश थी, संविधान पर आक्रमण था। हमने इसे रोक दिया।'
विपक्ष 100 प्रतिशत समर्थन देगा
राहुल गांधी ने यह भी कहा, 'मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं, अगर आप महिला आरक्षण विधेयक लाना चाहते हैं, तो 2023 का महिला आरक्षण विधेयक आज से लागू कर दीजिए, पूरा विपक्ष आपको 100 प्रतिशत समर्थन देगा। अगर ऐसा किया गया, तो हम महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करवा देंगे।'
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।
बिल के पक्ष में पड़े इतने वोट
लोकसभा में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026’ पर वोटिंग हुई। इस दौरान 298 सांसदों ने इसके पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। लेकिन संविधान संशोधन विधेयक को पास करने के लिए सदन में मौजूद और वोट देने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। इतने वोट न मिलने की वजह से यह विधेयक पारित नहीं हो सका।
सरकार ने इसके साथ ही ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ भी सदन में पेश किए थे, ताकि उन पर चर्चा हो और उन्हें पास किया जा सके। लेकिन मुख्य विधेयक आगे नहीं बढ़ पाया, इसलिए ये दोनों विधेयक भी आगे नहीं बढ़ सके।
(इनपुट-भाषा)
