देश

भारत जोड़ो यात्रा की वर्षगांठ पर बोले राहुल गांधी, हमारा मकसद यही कि हर कोने में सुनाई दे प्रेम की आवाज

Rahul Gandhi on Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा की दूसरी वर्षगांठ पर कहा, उन 145 दिन में और उसके बाद के दो वर्ष में, मैंने विभिन्न पृष्ठभूमि के हजारों भारतीयों की बात सुनी। प्रत्येक व्यक्ति से ज्ञान हासिल किया, हर किसी ने मुझे कुछ नया सिखाया और सभी हमारी प्यारी भारत माता से जुड़े थे।

Image

Rahul Gandhi

Photo : Twitter

Rahul Gandhi on Bharat Jodo Yatra: भारत जोड़ो यात्रा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा, कहा कि इस यात्रा ने साबित कर दिया कि भारतीय स्वाभाविक रूप से प्रेम करने वाले लोग हैं और हमारा यह मकसद है कि देश के हर कोने में प्रेम की आवाज सुनाई दे। राहुल गांधी ने कहा, भारत जोड़ो यात्रा ने मुझे मौन की सुंदरता से रूबरू कराया। मैंने उत्साही भीड़ और नारों के बीच अपने साथ मौजूद व्यक्ति पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करना और उसकी बात सुनना सीखा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने कहा, उन 145 दिन में और उसके बाद के दो वर्ष में, मैंने विभिन्न पृष्ठभूमि के हजारों भारतीयों की बात सुनी। प्रत्येक व्यक्ति से ज्ञान हासिल किया, हर किसी ने मुझे कुछ नया सिखाया और सभी हमारी प्यारी भारत माता से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने साबित कर दिया कि भारतीय स्वाभाविक रूप से प्यार करने वाले लोग हैं।

2022 में कन्याकुमारी से शुरू हुई थी यात्रा

उन्होंने कहा, जब मैंने यह यात्रा शुरू की थी तो कहा था कि प्रेम नफरत पर विजय प्राप्त करेगा और आशा भय पर जीत हासिल करेगी, आज हमारा मकसद एक ही है - यह सुनिश्चित करना कि भारत माता की आवाज, प्रेम की आवाज हमारे प्यारे देश के हर कोने में सुनाई दे। गांधी ने सात सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से यात्रा शुरू की थी। 145 दिन की इस यात्रा का समापन 30 जनवरी 2023 को श्रीनगर में हुआ था। यात्रा के दौरान गांधी ने 12 जनसभाओं, 100 से अधिक नुक्कड़ सभाओं और 13 संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया था। भारत जोड़ो यात्रा में अलग-अलग क्षेत्र की हस्तियों ने हिस्सा लिया, जिनमें कमल हासन, पूजा भट्ट, रिया सेन, स्वरा भास्कर, रश्मि देसाई, आकांक्षा पुरी और अमोल पालेकर जैसे फिल्म एवं टीवी कलाकार शामिल थे।

कई विपक्षी नेता भी साथ जुड़े

पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) दीपक कपूर, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (सेवानिवृत्त) एल रामदास, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन और पूर्व वित्त सचिव अरविंद मायाराम ने भी इस यात्रा में हिस्सा लिया था। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की महबूबा मुफ्ती, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के आदित्य ठाकरे, प्रियंका चतुर्वेदी व संजय राउत तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) की सुप्रिया सुले जैसे विपक्षी नेता भी अलग-अलग पड़ाव पर इस यात्रा से जुड़े थे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article